बीकानेर. बीकानेर-नोखा राष्ट्रीय राजमार्ग से सटता हुआ नाला बदहाल स्थिति में है। कचरा, गंदगी और झाडिय़ा-पेड़ से नाला अटा हुआ है। पार्षद की ओर से कई बार इस नाले की सुध लेने की मांग के बाद भी निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। निगम आयुक्त सहित निगम के अभियंताओं की ओर से इस नाले का मौका मुआयना करने के बाद भी यह नाला आज भी विकास कार्य को तरस रहा है। पार्षद बजरंग सोंखल के अनुसार नोखा रोड माणक गेस्ट हाउस क्षेत्र से शुरू होकर यह नाला आगे की ओर बाड़ी की ओर जाता है। दो दर्जन से अधिक मोहल्लों के सैकड़ों घरों का पानी इस नाले के माध्यम से निकलता है। आए दिन नाला जाम होने व कचरे व गंदगी से दलदल की स्थिति बनी रहती है। पशु नाले में गिरते रहते है।
आए दिन गिर रहे पशु
यह नाला कच्चा और खुला पड़ा है। पार्षद के अनुसार सडक़ मार्ग से सटता होने के कारण आए दिन इस नाले में पशु गिरते रहते है, जिनको मुश्किल से निकाला जाता है। राजमार्ग पास होने से बारिश के दिनों में यहां पानी बड़ी मात्रा में एकत्र रहता है। पानी के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। पार्षद के अनुसार इस नाले का पक्का निर्माण होने के साथ नाला कवर होना आवश्यक है ताकि कोई हादसा न हो।
तीन सौ मीटर लम्बा है नाला
भीनासर क्षेत्र में बना यह नाला करीब तीन सौ मीटर लम्बा है। कच्चा होने के कारण कई स्थानों पर इसकी चौड़ाई १० फुट से भी अधिक है। पार्षद के अनुसार चौधरी कॉलोनी, घड़सीसर, किसमीदेसर, भीनासर सहित कई क्षेत्रों के सैकड़ों मकानों का पानी इस नाले के माध्यम से निकासी होती है। बारिश के दिनों में नाला खुला होने व पक्का निर्माण नहीं होने के कारण गंदा पानी राजमार्ग तक पहुंच जाता है। वाहनों को निकलने में भी दिक्कत होती है।