नई दिल्ली
भारत सहित दुनियाभर में पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण का कहर जारी है। ओमिक्रॉन वैरिएंट, देश में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन रहा है। इससे पहले मई-जून 2021 में डेल्टा वैरिएंट के कारण आई दूसरी लहर में लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था। अध्ययनों में डेल्टा की तुलना में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को अधिक संक्रामक जरूर माना जा रहा है, हालांकि इस संक्रमण के कारण लोगों में लक्षण हल्के-मध्यम स्तर के ही देखे जा रहे हैं। चूंकि डेल्टा और ओमिक्रॉन की प्रकृति अलग है, यही कारण है कि कोरोना की दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर में अलग तरह के लक्षण देखे जा रहे हैं।
वर्तमान में, दुनिया कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण झेल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इस वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में वैसे तो रोगियों में डेल्टा संक्रमण के जैसे ही लक्षण देखे जा रहे हैं, हालांकि कुछ लोगों में पहले से बिल्कुल अलग लक्षणों के बारे में भी पता चला है। खास बात यह है कि जहां स्वाद-गंध न आने की समस्या डेल्टा से संक्रमितों में मुख्य लक्षण मानी जा रही थी वहीं इस बार लोगों को यह दिक्कत नहीं हो रही है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोरोना की इस तीसरी लहर के लक्षण दूसरी लहर से किस तरह से अलग हैं, जिसको लेकर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।