पटियाला (पंजाब)
पंजाब में विधानसभा चुनावों की इस बेला में टिकट कटने से नाराज अपने ही अपनों के खिलाफ हो रहे हैं। पंजाब की सियासत में अहमियत रखने वाले पटियाला के विभिन्न विधानसभा हलकों में बगावत इस कदर हो चुकी है कि कहीं भांजा अपने मामा के खिलाफ तो कहीं पूर्व मेयर अपनी पार्टी छोड़कर किसी दूसरे दल के टिकट पर मैदान में उतर आया है। इस कड़ी में पूर्व मंत्री भी पीछे नहीं हैं। वह भी पार्टी को बागी तेवर दिखाते पारिवार के लोगों को निर्दलीय लड़वाने को तैयार बैठे हैं।
पटियाला में आठ विधानसभा हलके हैं। जिले को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने आठ हलकों में से केवल सन्नौर हलके को छोड़कर बाकी हलकों में जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार फिर इस जिले से कांग्रेस अपने इतिहास को दोहराने की जोड़तोड़ में लगी है लेकिन इस बार कैप्टन की पंजाब लोक कांग्रेस और ढींढसा की पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन होने से राजनीतिक समीकरण कुछ हद तक बदलते दिख रहे हैं लेकिन जो भी हो, टिकटों के बंटवारे को लेकर फिलहाल विभिन्न पार्टियों में बगावत पूरे जोर पर है।