नई दिल्ली
मेडिकल जर्नल द लैंसेट जर्नल में एंटीबायोटिक दवाओं के असर को अब तक से सबसे बड़े अध्ययन की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस अध्ययन के मुताबिक, साल 2019 में दुनियाभर में 12 साल से अधिक लोगों को मौत बैक्टीरिया से हुए संक्रमण के कारण हो गई। इस लोगों पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हुआ। हैरानी की बात है कि एंटीबायोटिक के बेअसर होने से हुई मौतों का ये आंकड़ा हर साल मलेरिया और एड्स से मरने वालों की संख्या से ज्यादा है। मेडिकल टर्म में दवाओं के बेअसर होने की इस अवस्था को एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) कहते हैं। अध्ययन की रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि वैस् तो इस स्थिति से हर कोई खतरे में है लेकिन विश्व के गरीब देश पर एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस का प्रभाव अधिक हो सकता है।