श्रीगंगानगर. कांग्रेस में पायलट और गहलोत खेमे के बीच कलह अब तक शांत नहीं हुई है। इसका असर जिला मुख्यालय पर भी देखने को मिला रहा है।
विधायक राजकुमार गौड़ खेमे के आठों पार्षदों का मनोनयन होने से नगर परिषद सभापति करुणा चांडक और कांग्रेस नेता अशोक चांडक ने अपनी नाराजगी जयपुर जाकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से की है।
इस पर पायलट ने इस संबंध में पार्टी के राजस्थान प्रदेश प्रभारी अजय माकन को अवगत कराने का आश्वासन दिया है। चांडक का कहना था कि पार्टी की रैलियों और संगठन को मजबूत कराने के लिए उन्हेांने काफी धन खर्च दिया।
यहां तक कि क्षेत्र के विकास के लिए नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनाया। इसके बावजूद संगठन तो संगठन, राज्य सरकार की तरफ से भी पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया है।
चांडक ने बताया कि शहर के विकास को लेकर नगर परिषद द्वारा जितनी भी योजनाएं बनाई जाती हैं। उन्हें झूठी शिकायतों के आधार पर स्वायत शासन विभाग द्वारा निरस्त कर दिया जाता है अथवा प्रभावी रोक लगा दी जाती है।
विधानसभा और नगर परिषद चुनाव के दौरान शहर की जनता से किए गए समस्याओं के समाधान के वायदे राज्य सरकार द्वारा पूरे नहीं किए जा रहे हैं।
यहां तक कि नगर परिषद में पाषज़्दों को मनोनीत करने से पहले कांग्रेसी सभापति होने के नाते उनकी राय ली जानी थी लेकिन स्वायत्त शासन विभाग ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय विधायक बने राजकुमार गौड़ को महत्व दिया और आठ पार्षद मनोनीत कर दिए।
इस संबंध में पायलट को एक पत्र भी सौंपा। इसके बाद चांडक और नगर परिषद सभापति करुणा चंाडक के साथ प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा से भी शिकायत की।
इस बीच, राज्य सरकार की ओर से नगर परिषद में मनोनित तीन पार्षदों को शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में शपथ दिलाई गई। मनोनित पार्षद सईद लियाकत अली, पदम कौशिक और विकास गर्ग को उपखंड अधिकारी उम्मेद सिंह रतनू ने शपथ दिलवाई।
इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त सचिन यादव, विशाल गौड़ आदि मौजूद थे। इधर, विधायक राजकुमार गौड़ का कहना है कि मनोनित पार्षद शहर के विकास कार्यो में मददगार बनेंगे। सभी पार्षद शहर के विकास व सुन्दरता के लिए कार्य करेंगे।