नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने आम बजट 2022-23 में आयकर व्यवस्था से जुड़ा अहम बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद करदाताओं को फेसलेस असेसमेंट सिस्टम के दायरे में व्यक्तिगत सुनवाई का भी मौका मिल सकेगा। हालांकि ये सिर्फ और सिर्फ वीडियो संवाद के जरिए ही किया जाएगा।
साथ ही सभी आयकर विभाग के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर या फिर प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल को इससे जुड़ी समुचित व्यवस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुरूप करने के लिए भी कहा गया है। यह भी कहा गया है कि ऐसा हर मामले में जरूरी नहीं है, सिर्फ उन्हीं मामलों के लिए ये व्यवस्था होगी जिनमें करदाता निजी और मौखिक सुनवाई की मांग करेगा।
आयकर विभाग के मुताबिक टैक्स विवादों में कमी लाने के मकसद से ये अहम बदलाव किया गया है। ताकि करदाता विभाग को ये कहकर कोर्ट में न घसीट सके कि फेसलेस व्यवस्था से उसकी बात ठीक से नहीं सुनी गई।आयकर विभाग की फेसलेस व्यवस्था से टैक्स के मामलों के निपटारों में भी तेजी देखने को मिल रही है। विभाग के मुताबिक इस साल करीब तीन लाख मामले का निपटारा करना था जिसमें से दो लाख का निपटारा हो चुका है। बाकी माामलों में भी इस नई व्यवस्था से तेजी आने के आसार हैं।