नई दिल्ली
यूक्रेन पर हमले के बाद रूस को अब भारत से समर्थन की उम्मीद है। दरअसल यूक्रेन के खिलाफ रूसी सैन्य अभियान का विरोध करने वाला एक प्रस्ताव शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में मतदान के लिए आएगा। इसको लेकर रूसी प्रभारी डी’अफेयर रोमन बाबुश्किन ने कहा है कि रूस को उम्मीद है कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा।
यूक्रेन पर हमला करने की वजह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा रूस की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान की संभावना है। साथ ही प्रस्ताव में रूसी बलों की तत्काल वापसी की मांग भी की जाएगी। हालांकि, कानूनी रूप से बाध्यकारी उपायों को रूस द्वारा वीटो किया जा सकता है। क्योंकि रूस 15-सदस्यीय सुरक्षा परिषद का वर्तमान अध्यक्ष है और उसके पास वीटो पावर भी है। राजनयिकों ने रायटर्स को बताया है कि कम से कम 11 सदस्यों के पक्ष में मतदान करने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में वर्तमान में सबसे वरिष्ठ रूसी राजनयिक बाबुश्किन ने प्रस्ताव के बारे में कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि हमारे भारतीय साझेदार रूस का समर्थन करेंगे।” कहा जा रहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा तैयार मसौदा प्रस्ताव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 23 फरवरी को यूक्रेन में “विशेष सैन्य अभियान” की घोषणा की निंदा करेगा और “मारे गए नागरिक की रिपोर्ट पर गंभीर चिंता” व्यक्त करेगा।