श्रीगंगानगर(सीमा सन्देश)। शहर के विभिन्न मंदिरों में मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर मंदिरों में रंगीन रोशनी सहित फूलों आदि से विशेष सजावट की गई है। प्राचीन शिवालय बाबा शुक्रनाथ बगीची में में महन्त बाबा कैलाशनाथ के सान्निध्य में मंगलवार को प्रात: पांच बजे भगवान शंकर की आरती के बाद दिनभर भजन कीर्तन व सत्संग कार्यक्रम होगा। रात्रि को चार पहर की विशेष अभिषेक होंगे तथा रात्रि जागरण का आयोजन होगा। इसी तरह जवाहरनगर स्थित श्री सनातन धर्म गायत्री संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य पं. श्रीचंद शास्त्री के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन प्रात: चार बजे पारदेश्वर महादेव की विशेष आरती के बाद मंदिर में दिनभर वेदमंत्रों के साथ भगवान आशुतोष की विशेष पूजा अर्चना होगी। रात्रि को चार पहर की पूजा में विशेष द्रव्यों से रूद्राभिषेक होंगे। पं. श्रीचंद शास्त्री ने बताया कि जो भी कोई शिवरात्रि को यथा सामर्थ्य श्रद्धा भाव के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करता है उसे शिवकृपा से लौकिक व पारलौकिक सुख मिलता है। आपने बताया कि अभिष्ट फल प्राप्ति हेतु भी भिन्न-भिन्न द्रव्यों से भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक किया जाता है। उत्तम संतान हेतु दुग्ध से, लक्ष्मी प्राप्ति हेतु गन्ने के रस से, महाव्याधियों के नाश हेतु कुशोदक, मधुमेय रोग नाश हेतु शर्करा से वेदमंत्रों व रूद्राष्टाध्यायी के साथ विधिवत अभिषेक का शास्त्रों में विधान बताया गया है।
मोहनपुरा रोड स्थित श्री धर्मसंघ संस्कृत महाविद्यालय में स्थित श्रीनर्मदेश्वर महादेव मंदिर में महाविद्यालय के प्राचार्य कल्याणस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के मार्गदर्शन में आचार्याें व विद्यार्थियों द्वारा रूद्राभिषेक व विशेष पूजा अर्चना के कार्यक्रम महाशिवरात्रि को होंगे। इसी तरह श्रीजगदंबा अंधविद्यालय स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर सहित शहर के अन्य मंदिरों में भी महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। डॉ. ब्रह्म भाटिया के अनुसार इस बार सूर्य और बृहस्पति की कुम्भ और मकर राशि में शनि, मंगल, शुक्र, बुध, चंद्रमा के साथ युति होने से यह दिन विशेष बन गया है। इस दिन देवों के देव महादेव के पंचामृत स्नान के साथ.साथ विधि.विधान से इनकी पूजा करने से भक्तों को मनो वांछित फल की प्राप्ति होती है।