धुलंडी पर बरसा उत्साह का रंग, शहर में युवाओं ने खूब उड़ाया गुलाल, डीजे पर थिरके युवा, फाग गीतों संग खेली होली हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। कोरोना की लहर के चलते पिछले दो साल से होली और धुलंडी पर पाबंदी रही। लेकिन इस बार सरकार की तरफ से किसी प्रकार की पाबंदी नहीं होने से जमकर होली खेली गई। शुक्रवार को धुलंड़ी पर शहरों व गांवों में खूब रंग-गुलाल उड़ा। शहर की गलियों में होली है भाई होली है…का शोर गूंजता रहा। होली के शोर के साथ ही रंग-बिरंगे कलर व गुलाल से हर कोई सराबोर नजर आया। बच्चे, युवा ही नहीं बुजुर्ग भी एक-दूसरे को रंग लगाने में पीछे नहीं रहे। इस बार लोगों में अलग ही जोश देखने को मिला। जगह-जगह सड़क पर चंग बजाकर लोग डांस कर रहे थे। सुबह परिवार और आस-पड़ोसी के साथ होली खेलने के बाद रिश्तेदार और दोस्तों को बधाई देने शहरवासी निकले। बाइक और कार में कलर से रंगे लोग अपने साथियों और रिश्तेदारों के घर पहुंचे। रंग-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। शहर के विभिन्न इलाकों में पार्क और मैरिज गार्डन में लोग काफी संख्या में होली खेलते नजर आए। रंग-गुलाल के साथ ही एक-दूसरे पर रंग भरा पानी डालकर होली खेली। होली खेलने के दौरान खाने-पीने के साथ डांस का प्रोग्राम भी हुआ। डीजे पर बजते होली के गानों के साथ लोग जमकर थिरके। धुलंड़ी त्योहार के चलते मार्केट में दुकानें बंद रही। 80 प्रतिशत से अधिक दुकानों और प्रतिष्ठान के शटर डाउन दिखाई दिए। कुछ जरूरत के सामानों की दुकानें जरूर खुली रहीं। इस कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया। हालांकि दुपहिया व चौपहिया वाहनों पर निकले युवा शहर में पसरा सन्नाटा तोड़ते नजर आए। दोपहर होते-होते ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया। सुबह जमकर लोगों ने रंग खेला। गर्मी बढ़ते ही लोग घरों में दिखाई दिए। रोड सूने दिखाई देने लगे, देखने में लगने लगा जैसे शहर में कर्फ्यू लगा हो। हुड़दंगियों और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस जवान तैनात रहे। बाइक और स्कूटी पर तीन-चार सवारियां बैठाकर युवा घूमते नजर आए। किसी प्रकार के विवाद और झगड़े को रोकने के लिए कॉलोनियों में भी पुलिस टीमों की ड्यूटी लगाई गई थी। होली मनाते मिले लोगों ने बताया कि पिछले दो साल से हम कोरोना के चलते होली नहीं खेल पा रहे थे। कोरोना का डर कम होने से शुक्रवार को अपने दोस्तों और परिवार के साथ होली का त्योहार मना पा रहे हैं। नहीं तो इस बार भी होली नहीं खेल पाते।