जयपुर।
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने चुरू जिले में सुजानगढ़ में राम दरबार की मूर्ति लगे शहर के प्रवेश द्वार को प्रशासन द्वारा ध्वस्त करने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा है कि यह आस्था का अपमान है। दो दिवसीय बेंगलुरु यात्रा पर गए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मीडिया से कहा कि प्रदेश के सुजानगढ़ में बुलडोजर से राम दरबार को गिराया जाना आस्था का अपमान है।
पूनियां ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर शुभारंभ करती है, उत्तर प्रदेश में राम मंदिर का निर्माण करने वाले और बुलडोजर चलाने वाली योगी सरकार कानून व्यवस्था को ठीक करती है वहीं राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार बुलडोजर से राम दरबार को गिराती है। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे आस्था पर प्रहार है, उन मूर्तियों को सम्मान के साथ कहीं अन्य जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन आधी रात को गहलोत सरकार ने निशाचरी करतूत की है, उससे हिंदुओं की आस्था आहत हुई है।
तुष्टीकरण कर रही कांग्रेस: पूनियां
पूनियां ने कहा कि इस तरीके से कांग्रेस की सरकार तुष्टीकरण पर तुली हुई है, एक तरफ वो लोग हैं जो मंदिर का निर्माण करते हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस के लोग हैं जो मंदिर को ध्वस्त करते हैं। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि विकास के बहाने सालासर बालाजी के तोरण द्वार को तोड़ना और राम दरबार को ध्वस्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। राजे ने कहा कि क्या कांग्रेस सरकार का यही विकास है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि सुजानगढ़ शहर के प्रवेश द्वार पर राम दरबार की मूर्ति लगे द्वार को प्रशासन द्वारा तोड़ने की घटना से नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।