प्रदेश भर के करीब 22 हजार सरपंच आज घेरेंगे विधानसभा हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों के करीब 22 हजार सरपंच 13 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को पूर्व घोषणानुसार जयपुर में विधानसभा का घेराव करेंगे। विधानसभा के घेराव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोमवार को हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों के सरपंच भी जयपुर रवाना हुए। सरपंचों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक विधानसभा का घेराव समाप्त नहीं करेंगे। जिला मुख्यालय से गुरुसर सरपंच रामेश्वर लाल के नेतृत्व में ग्राम पंचायतों के सरपंच निजी वाहनों पर जयपुर रवाना हुए। इस मौके पर सरपंच रामेश्वर लाल ने बताया कि प्रदेश भर के सरपंच अपनी 13 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की सरकार से लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में अब सरंपचों के पास विरोध के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। आंदोलन की कड़ी में 14 मार्च को जिले की सभी पंचायतों पर तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराया गया था। आंदोलन की आगामी कड़ी में मंगलवार को जयपुर में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से समय पर बजट नहीं मिलने से पंचायतों में विकास काम ठप पड़ गए हैं। जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए छठे राज्य वित्त आयोग की वित्तीय वर्ष 2021-22 की 3 हजार करोड़ रुपए और 15वें वित्त आयोग की दूसरी किश्त 1500 करोड़ रुपए जारी नहीं की गई है। इसके चलते पंचायतों में विकास के काम अटके पड़े हैं। इन मांगों के लिए लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सरकार का रुख अभी सकारात्मक नहीं दिखा है। ऐसे में सरपंच संघ हनुमानगढ़ अब आंदोलन करने को मजबूर हुआ है। इनके अलावा सरपंचों का मानदेय 4 हजार से 15 हजार करने, वार्ड पंचों, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य का भत्ता बढ़ाने, नरेगा में मेट, कारीगर और सामग्री का भुगतान करने, मनरेगा में श्रमिकों के कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने, ग्राम पंचायतों के विकास की राशि में से पंचायत सहायकों, कोविड हेल्थ सहायक, सुरक्षा गार्डों के मानदेय के भुगतान के प्रावधान को निरस्त कर मानदेय के लिए अलग से बजट देने सहित अन्य मांगें शामिल है। सोमवार को जिला मुख्यालय से नेतराम, गुरलाल सिंह, मेहरसिंह, हनुमान प्रसाद गेदर, नरेन्द्र गोदारा आदि जयपुर रवाना हुए।