सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। आजादी के अमृत महोत्सव पर संभाग स्तरीय नशामुक्ति अभियान मंशा के अंतर्गत जिला कलक्टर श्रीमती रुक्मणि रियार सिहाग व जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के निर्देशानुसार शहीदे-आजम भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव की पुण्यतिथि पर नशामुक्ति जनजागृति कार्यशाला डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय श्रीगंगानगर में हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव को याद करते हुए किया गया। सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, के शानदार उद्घोष के साथ मंशा नशामुक्ति जनजागृति कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपखंड अधिकारी उम्मेद सिंह रतनू ने कहा कि विद्यार्थी अच्छे चिंतन और श्रेष्ठ लक्ष्य के साथ समाज की बिगड़ती दशा को सुधारने के लिए अपनी सशक्त भूमिका का निर्वहन करें। लक्ष्यविहीन होकर हम अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को कुछ नहीं दे सकते। नशामुक्त समाज की रचना करने में नौजवान अपनी भूमिका स्वयं तय करें।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रविकांत गोयल,शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि मुनीश कुमार लड्ढा ने कहा कि बढ़ते नशे के इस दौर में विवाह योग्य पुत्री के विवाह के समय लोग जन्म कुंडली बाद में मिलाते हैं, पहले यह देखते हैं कि चयन किए जाने वाला वर कहीं नशे का सेवन तो नहीं करता है। यह बढ़ते नशे की वजह से गिरती जा रही प्रतिष्ठा का सूचक है। अध्यक्षता करते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी हंसराज यादव ने कहा कि हमारा जिला अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित है, विदेशी ताकतें चाहती हैं कि भारत का नौजवान नशा करे, भारत का नौजवान बर्बाद हो। नौजवान विदेशी ताकतों की साजिशों को समझें। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ- साथ अपने परिवार के लोगों का जीवन भी नर्क बना देता है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलवंत रत्न ने कहा कि कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी नशे से स्वयं बचें और उनके परिवारों में अगर कोई नशे का सेवन करता है तो उसका नशा छुड़वाने में प्रभावी भूमिका अदा करें।