जयपुर
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल व पेपरलीक की घटनाओं को रोकने के लिए गहलोत सरकार ने विधानसभा में बिल तो पारित कर दिया है लेकिन अब बेरोजगारों की मांग है कि उसे जल्द से जल्द जमीनी धरातल पर उतारा जाए। उपेन यादव का कहना है कि एक महीने बाद नए साल की भर्ती परीक्षाओं का दौर शुरू होगा। उपेन यादव ने कहा कि राज्यपाल के अनुमोदन हुए बिना कानून नहीं बन सकता। इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करके दर्जनों भर्ती परीक्षाओं से पहले कानून को लागू करें।
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा कम करने की मांग
उपेन यादव ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि यदि राजनेता युवा हितैषी है तो बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का प्रदेश की सरकारी एवं प्राइवेट भर्तियों में कोटा कम करके प्रदेश के बेरोजगारों का प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में राजनेताओं को हमारा साथ देना चाहिए। हमारे साथ धरने पर बैठना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में युवाओं का अहम रोल होगा। राज्य के कई नेताओं को अभी से अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। नेताओं को लगने लग गया है कि प्रदेश का युवा ही उनका राजनीतिक भविष्य बचा सकते हैं। इसलिए आने वाले समय में बहुत से नेता हमारे साथ जुड़ेंगे।