भरतपुर।
कहा जाता है कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं लेकिन आज इन बच्चों के हाथों में किताबों की जगह झाड़ू थमाए जा रहे है। राजस्थान के भरतपुर में इन बच्चों को सुबह झाड़ू लेकर पूरे स्कूल की सफाई करनी पड़ती है। ऐसा नहीं है कि बच्चे अपनी मर्जी से स्कूल की सफाई करते हैं बल्कि खुद स्कूल के अध्यापक ही झाड़ू लगाने के लिए बच्चों को मजबूर करते हैं।
भरतपुर उपखंड के सेवर थाना इलाके के गांव कंजौली में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित है। जहां गांव के बच्चे सुबह स्कूल में पढ़ने के लिए आते हैं। लेकिन सुबह आते ही इन मासूम बच्चों को अपने हाथों में झाड़ू लेकर पूरे स्कूल की सफाई करनी पड़ती है। सफाई के बाद जो कचरा रहता है उसे बच्चे अपने हाथों से ही एक जगह इकट्ठा करते हैं। सफाई के बाद हाथों से गंदगी को साफ करने के लिए स्कूल में ना तो सैनिटाइजर है ना ही साबुन की व्यवस्था है। जिससे बच्चों के बीमार होने की भी आशंका बनी रहती है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी रोष है। उनका कहना है कि स्कूल में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, लेकिन स्कूल उन हाथों में झाड़ू थमा रहा है।
‘दोषियों पर होगी कार्रवाई’
वहीं इस पूरे मामले पर जब जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम सिंह कुंतल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों द्वारा झाड़ू लगाना गलत है। उन्होंने कहा, ‘बच्चे स्कूल में सिर्फ पढ़ने के लिए आते हैं और यदि कोई उनसे झाड़ू लगवाता है तो यह बेहद गलत है। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी इसमें दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’