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शेर सिंह राणा ने कैसे बनाया था फूलन देवी की हत्या का प्लान? खीर खाकर निकला और गोलियों से भून डाला

नई दिल्ली

विद्युत जामवाल की अपकमिंग फिल्म ‘शेर सिंह राणा’ अनाउंसमेंट के साथ ही विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर एक हत्यारे के ऊपर बायोपिक क्यों बनाई जा रही है? हालांकि बहुत से लोग अभी तक ये भी नहीं जानते हैं कि आखिर ‘शेर सिंह राणा’ है कौन और उस पर किसकी हत्या का आरोप है? आखिर उसने ऐसा क्या किया है जिसकी वजह से उस पर बायोपिक फिल्म बनाई जा रही है। तो चलिए जानते हैं शेर सिंह राणा के बारे में कुछ जरूरी बातें।

बेहमई गांव से हुई थी शुरुआत
मध्य प्रदेश के बेहमई गांव में ठाकुर समाज के लोगों ने फूलन देवी के साथ 3 हफ्ते तक बलात्कार किया। फूलन ने इसी बात का बदला लेने के लिए 14 फरवरी 1981 को एक साथ 22 लोगों को एक लाइन में खड़ा करके गोली मार दी थी। फूलन ने इसके बाद आत्मसमर्पण कर दिया और बाद में जेल से छूटकर वह सांसद बन गईं। यहीं से शुरू होती है शेर सिंह की कहानी।

22 राजपूतों की हत्या का लिया बदला
शेर सिंह राणा ने 22 राजपूतों की हत्या का बदला लेने के लिए फूलन देवी की हत्या कर दी थी। 25 जुलाई 2001 को शेर सिंह ने दिल्ली में फूलन देवी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर कैसे शेर सिंह राणा ने दिल्ली के सरकारी आवास के सामने फूलन देवी की हत्या करने का प्लान बनाया था?