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दर्ज किए नाम, जोड़ेंगे शिक्षा से

  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर हरकत में आया शिक्षा विभाग
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने जंक्शन के शहरी क्षेत्र में शिव मंदिर से लेकर वेयर हाउस तक झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने वाले ढोली बस्ती के परिवारों के चिह्नित 33 बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। इस क्रम में जंक्शन के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल नम्बर दो के अध्यापक अध्यापक रमेश मीणा, सुखवीर सिंह व मदन मोहन ने मौके पर पहुंच शिक्षा से वंचित चिह्नित इन बच्चों के नाम दर्ज किए। अब इन बच्चों को जल्द ही विद्यालय से जोड़कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। इस मौके पर अध्यापक रमेश मीणा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं एडीजे संदीप कौर की ओर से दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान पाया कि शिव मंदिर से लेकर वेयर हाउस तक झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने वाले ढोली बस्ती के परिवारों के बच्चे न तो किसी विद्यालय और न ही किसी आंगनबाड़ी केन्द्र से जुड़े हुए हैं। सर्वे के दौरान करीब 33 बच्चे शिक्षा से वंचित मिले। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के निर्देशानुसार इन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का काम शुरू किया है। इसके तहत इन बच्चों के नाम लिखे जा रहे हैं। इन बच्चों को विद्यालय से जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। इन बच्चों के परिजनों से भी समझाइश की गई है कि वे बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और शिक्षा से जोड़ें ताकि शिक्षा का लक्ष्य प्राप्त कर यह बच्चे अपना भविष्य बना सकें। गौरतलब है कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार 3 वर्ष से 14 वर्ष तक के बालकों को शिक्षा से जुड़वाने के लिए 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव संदीप कौर की ओर से शिव मन्दिर सिनेमा से वेयर हाऊस रोड, एचडीएफसी होमलोन बिल्डिंग के पास एवं श्रीगंगानगर फाटक के पास स्थित गरीब बस्ती का निरीक्षण किया गया था। इन जगहों पर 33 ऐसे बालक पाए गए जिन्हें शिक्षा से जुड़वाने की आवश्यकता है। बालकों का चिन्हिकरण कर उनके परिजनों से बालकों को शिक्षा से जुड़वाने के लिए प्रेरित किया एवं शिक्षा का महत्व बताया गया। इन बालकों को शिक्षा से जुड़वाने के लिए प्राधिकरण सचिव की ओर से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए गए थे।