चंडीगढ़। पीजीआइ चंडीगढ़ ने हाल ही में एक शोध किया है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि कालेज स्टूडेंट्स में पहले के मुकाबले अब 75 फीसद आनस्क्रीन टाइम बढ़ गया है। यानी कालेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं मोबाइल, टैपटाप, कंप्यूटर जैसे गेजेट्स पर ज्यादा समय बिता रहे हैं। आनस्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से उनकी आंखों में तरह-तरह की दिक्कतें आ रही हैं। आंखों में जलन, आंखों से पानी निकलना और नजर कमजोर होने की समस्या होने लगी हैं।
पीजीआइ ने 547 स्टूडेंट्स पर यह शोध किया था, जिसमें से 425 यानी 77.7 छात्राओं में मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने को लेकर तथ्य सामने आए हैं। इनमें से 47.06 फीसद स्टूडेंट्स की आंखों में सूखापन और एलर्जी की समस्या मिली है। जबकि इन 425 में से 60.9 फीसद छात्रों में पढ़ाई को लेकर अधिक मोबाइल इस्तेमाल करने को लेकर तथ्य सामने आए हैं। पीजीआइ चंडीगढ़ के आप्थालोमोलाजी डिपार्टमेंट और एमसीएम डीएवी कालेज के सहयोग से यह शोध किया गया। इस शोध को पीजीआइ के पूर्व निदेशक प्रोफेसर जगतराम की नेतृत्व में किया गया।
सुभाष चावला ने अपने पद से शनिवार को इस्तीफा दिया है।
पीजीआइ के पूर्व निदेशक प्रोफेसर जगत राम ने शोध के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन स्टूडेंट्स में से 43 फीसद छात्रों में कोरोना महामारी के दौरान 50 से 75 फीसद तक आन स्क्रीन टाइम बढ़ा है। इस शोध में जिन छात्राओं को शामिल किया गया था उनकी उम्र 18 से 21 साल की थी और वह शहर के अलग-अलग कालेज में ग्रेजुएशन डिग्री का कोर्स कर रहे हैं।
आंखों का सूख जाना
लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी देखने के कारण हम अपनी पलकें सामान्य से कम झपकते हैं। इस कारण हमारी आई ग्लैंड सूख जाती हैं और आंखों में ऐसा लगने लगता है, जैसे कुछ किरकिरा रहा है। जबकि वास्तव में कुछ होता नहीं है। आंसू बनानेवाली ग्लैंड के सूख जाने से ये समस्याएं होती हैं।