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संविधान से धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी शब्दों को हटाया जाये:हिन्दू राष्ट्र संसद

पणजी (वार्ता)। हिन्दू राष्ट्र संसद ने बुधवार को गोवा में आयोजित 10वें अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन
में संविधान से धर्मनिरपेक्ष और सामाजवादी शब्दों को हटाने की मांग की है।
संसद ने सवाल किया कि अगर पश्चिमी संविधान क्रिश्चियन बहुल देशों में बाइबल पर आधारित और इस्लामिक देशों में कुरान-हदीथ पर आधारित हैं तो फिर भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्दों को क्यों जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा,ह्ल संप्रदाय और धर्म की सटीक परिभाषा भारतीय संविधान में स्पष्ट की जानी चाहिए। वर्ष 1976 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 42 वें संविधान संशोधन में जबरदस्ती धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्दों को लिखवाया। यह असंवैधानिक है। इन शब्दों को संविधान से हटाया जाना चाहिए।
संसद ने यह भी मांग की कि देशद्रोह कानून के तहत उन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने चाहिए जिन्होंने फर्जी मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड घुसपैठियों जैसे रोंहिग्या और बंगलादेशियों को जारी किए है।