Tuesday, May 12निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

GDP पर फिच रेटिंग्स का नया अनुमान, तरक्की की रफ्तार में आएगी सुस्ती!

नई दिल्ली

देश की तरक्की की रफ्तार में सुस्ती आने की आशंका है। दरअसल, फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक विकास के पूर्वानुमान को 7.8 प्रतिशत के पिछले अनुमान से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। फिच ने कहा कि जून में लगाए गए 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान की तुलना में अब उसे 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था के सात प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

वहीं, अगले वित्त वर्ष में भी विकास दर 7.4 प्रतिशत के पहले के अनुमान के मुकाबले अब 6.7 प्रतिशत तक रह जाने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति के अलावा बढ़ती महंगाई और सख्त मॉनिटरिंग पॉलिसी की वजह से यह सुस्ती आ सकती है।

एजेंसी ने कहा- थोक-मूल्य आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में नरम होकर 11 महीने के निचले स्तर 12.41% पर आ गई है। हालांकि खुदरा मुद्रास्फीति 7% तक बढ़ गई है। हमें उम्मीद है कि आरबीआई महंगाई को कंट्रोल करने के लिए साल के अंत तक रेपो रेट बढ़ाकर 5.90 प्रतिशत तक कर सकता है। वहीं, अगले साल रेपो रेट 6 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।