बीकानेर
एक साल में विभिन्न स्थानाें पर गुम हुए लाेगाें के 100 माेबाइल पुलिस ने खाेज निकाले हैं। इनकी कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें छह 50 हजार से एक लाख रुपए तक के आई फाेन भी हैं। सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि इनमें से किसी भी माेबाइल का उपयाेग आपराधिक वारदात में नहीं हुआ है। मालिकाें का भी पता चल गया है। माेबाइल उन्हें लाैटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने बताया कि सभी मोबाइल गुम हुए थे। एक भी माेबाइल चाेरी का नहीं है। गुम माेबाइल की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज हाेने के बाद आईएमईआई नंबरों की मदद ये ट्रेस हा़े गए। इन्हें खाेजने में सबसे बड़ी भूमिका साइबर सैल के दीपक यादव की रही, जिन्होंने एक साल से माेबाइल सर्विलांस पर रखे हुए थे।
11 महीने बाद 70 हजार का फाेन पाकर खुशी के आंसू छलक उठे
माेबाइल के पासवर्ड ताेड़ने वाले दुकानदारों पर पुलिस की नजर : दरअसल, बीकानेर में ही कई लोग मोबाइल के पासवर्ड भी तोड़ देते हैं। महज पचास रुपए में पासवर्ड तोड़ने व गोपनीय नंबर तक बदलने की शिकायत पर एसपी यादव ने कहा कि ऐसे लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही इस तरह के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
माेबाइल मिले ताे तत्काल थाने में जमा कराएं : एएसपी अमित कुमार ने कहा है कि सड़क, ट्रेन, बस या कहीं भी मिला हुआ माेबाइल अपने पास नहीं रखें। उसे नजदीक के पुलिस थाने में जमा करवाए, क्याेंकि इलेक्ट्रॉनिक्स की काेई भी डिवाइस किसी वारदात या अपराधी के उपयाेग ली हाे सकती है। ऐसे में आप किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
पूगल फांटा क्षेत्र में रहने वाली आरती पांडिया का 70 हजार रुपए का माेबाइल 11 महीने पहले गुम हाे गया था। वापस फाेन पाकर महिला की आंखाें से खुशी के आंसू छलक उठे। महिला ने कहा, उसे पूरी उम्मीद थी। इसलिए नया फाेन नहीं खरीदा। गीगासर के रमनलाल ने पाेते माेहित काे पढ़ाई में मदद के लिए जन्मदिन पर एक अप्रैल काे माेबाइल गिफ्ट में दिया था। 16 अप्रेल को मिस हो गया।
माेबाइल वापस पाकर बहुत खुश हुआ। गंगाशहर का जगदीश पापड़ फैक्ट्री में काम करता है। किश्ताें पर माेबाइल लिया था। माेबाइल गुमने के बाद भी किश्त भर रहा था। माेबाइल मिलने पर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। ऐसे ही तिलक नगर के पूजा-पाठ करने वाले नारायणराम और चाय की स्टाल चलाने वाले बड़ा बाजार के विजय भादानी गुम हुआ माेबाइल पाकर बेहद खुश हुए।
ये है पुलिस टीम: हेड कांस्टेबल दीपक यादव, दिलीप सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश, सरजीत, श्रीराम, राजुराम, बाबूलाल, महेंद्र।