फॉस्फोरस तत्व के लिए मात्र डीएपी उर्वरक का प्रयोग नहीं उचित
by seemasandesh
दलहनी एवं तिलहनी फसलों में सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का प्रयोग लाभदायक हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रबी फसलों में फॉस्फोरस तत्व के लिए मात्र डीएपी उर्वरक का प्रयोग नहीं उचित है। इसलिए किसान दलहनी एवं तिलहनी फसलों में सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का प्रयोग करें। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) हनुमानगढ़ बीआर बाकोलिया ने बताया कि वर्तमान में रबी फसलों की बुवाई का कार्य किसानों की ओर से प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसमें अभी सरसों फसल की बुवाई की जा रही है। रबी फसलों में फॉस्फोरस तत्व के लिए किसानों की ओर से मात्र डीएपी उर्वरक के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है। दलहनी एवं तिलहनी फसलों में किसानों को सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का प्रयोग लाभदायक है क्योंकि सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक से 16 प्रतिशत फॉस्फोरस के साथ-साथ 11 प्रतिशत सल्फर भी फसलों को मिलता है। सिंगल सुपर फॉस्फेट के वर्तमान में दो विकल्प उपलब्ध हैं स्ट्रेट एवं फोर्टीफाइड विद जिंक एवं बोरोन। फसलों में फलन एवं उत्पादन में जिंक एवं बोरोन अत्यन्त महत्वपूर्ण तत्व है। इसलिए अन्य फसलों में भी फॉस्फोरस तत्व की पूर्ति के लिए सिंगल सुपर फॉस्फेट का प्रयोग किया जा सकता है। एक बैग डीएपी के स्थान पर 3 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट एवं एक बैग यूरिया का प्रयोग करें। फास्फोरस तत्व की पूर्ति के लिए अन्य विकल्पों में मोनो अमोनियम फॉस्फेट (एमएपी), एनपीके का प्रयोग भी किसानों को करना चाहिए क्योंकि पौधा फॉस्फोरस तत्व को लेता है। पौधे को फॉस्फोरस तत्व डीएपी, एमएपी या एनपीके किस उर्वरक से दिया जा रहा है, इससे पौधे को कोई फर्क नहीं पड़ता है। मोनो अमोनियम फॉस्फेट उर्वरक में 11 प्रतिशत अमोनिकल नाइट्रोजन एवं 52 प्रतिशत फॉस्फोरस तत्व है। डीएपी उर्वरक का मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग है एवं एमएपी का 1470 रुपए प्रति बैग है। डीएपी उर्वरक के प्रयोग करने से फॉस्फोरस 29.34 रुपए प्रति किलोग्राम जबकि एमएपी का प्रयोग करने से 28.26 रुपए प्रति किलोग्राम मिलता है। एमएपी उर्वरक पानी में घुलनशील है एवं मृदा में नमी होने पर तेजी से घुलता है। इसलिए फॉस्फोरस तत्व के स्त्रोत के रूप में मोनोअमोनियम फॉस्फेट का प्रयोग भी बराबर लाभदायक है एवं आर्थिक रूप से भी किसी प्रकार का अतिरिक्त व्यय नहीं होता है। इसी प्रकार एनपीके उर्वरक के कई कॉम्बिनेशन बाजार में उपलब्ध हैं जो नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश तीनों मुख्य पौषक तत्व पौधों को उपलब्ध करवाते हैं एवं न्यूट्रिएन्ट कन्टेन्ट के आधार पर बराबर लाभदायक है। इसलिए किसान किसी एक उर्वरक विशेष को ही उपयोग न कर फसल की पौषक तत्वों की सिफारिश की गई मात्रा के अनुसार आवश्यक मात्रा में सभी उर्वरकों का प्रयोग करें ताकि किसी उर्वरक विशेष की कमी से बचा जा सके एवं किसानों का अनावश्यक समय एवं संसाधन खर्च नहीं हों।