12 दिनों में 10 लाख लोगों ने देखा राजस्थानी गीत बापू थारो लाल
by seemasandesh
राजस्थानी भाषा संस्कृति के लिए काम करना मेरे लिए गर्व की बात : कॉमेडियन सीतू वर्मा हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। राजस्थानी का लोक संगीत तो बहुत समृद्ध है परंतु वर्तमान समय में युवाओं को ध्यान में रखकर काम करना होगा। यह बात कही चिमकांडी दादी का रोल निभाने वाले मशहूर कॉमेडियन सीतू वर्मा ने। सीतू वर्मा का गाया राजस्थानी गीत बापू थारो लाल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस गीत को यूट्यूब चैनल आॅफिसियल सीतू पर पिछले 12 दिन में 10 लाख लोग देख चुके हैं। सीतू वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर आजकल रील बनाने का बहुत प्रचलन है। राजस्थान के कलाकार रील तो राजस्थानी में बनाते हैं परंतु बैकग्राउंड में हरियाणवी, पंजाबी और हिंदी भाषा के गीत लगाते हैं। वे खुद भी दूसरी भाषाओं के गीत लगाते रहे हैं। इस कमी को दूर करने की पहल इस गीत के माध्यम से की है जो बहुत हद तक सफल रही है। इस गीत में पिता का रोल राजस्थानी के मशहूर कलाकार युधिष्ठिरसिंह भाटी ने निभाया है। लोगों ने इस गीत को बहुत प्यार दिया है। जब हम राजस्थानी संगीत में अच्छा काम करेंगे तो जनता भी अपना प्यार लुटाएगी। सीतू वर्मा ने कहा कि राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिलने से जो नुकसान 8 करोड़ राजस्थानियों ने सहा है उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। आज सैकड़ों कलाकार राजस्थानी भाषा के बलबूते लाखों रुपए कमा रहे हैं। अगर राजस्थानी भाषा को मान्यता मिले तो करोड़ों लोगों को फायदा होगा। मेरे जैसे सैकड़ों कलाकारों को राजस्थानी भाषा ने ही स्टार बनाया है। मैं मेरी मातृभाषा राजस्थानी की मान्यता और सम्मान के लिए काम करता रहूंगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि राजस्थानी को व्यवहार की भाषा बनाकर सबसे पहले हमें खुद मान्यता देनी होगी तभी हम लोग सरकार तक अपनी बात पहुंचा पाएंगे। इस दौरान राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए तैयार करवाई गई टी-शर्ट का लोकार्पण किया गया।