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खून-पसीने की गाढ़ी कमाई का पैसा किसानों को मिले वापस

  • हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड कार्यालय के समक्ष पांचवें दिन भी जारी रहा धरना
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों व हाल ही में रतनपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति में हुए करोड़ों रुपयों के गबन के मामलों को लेकर हनुमानगढ़ केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के एमडी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर जंक्शन स्थित बैंक कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरना रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरनास्थल पर भाजपा युवा नेता सावन पाइवाल, राजकुमार ओझा, चंचल पारीक सहित अनेकों सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। धरने की अगुवाई करते हुए महावीर गोदारा एवं रवि बिस्सू ने कहा कि जब तक किसानों के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई का पूरा पैसा किसानों को वापस नहीं मिलता और रतनपुरा मामले की निष्पक्ष जांच कर बैंक के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती तब तक धरना जारी रहेगा। भाजपा युवा नेता सावन पाइवाल ने कहा कि भ्रष्ट प्रशासन और विभाग की लापरवाही के चलते किसानों के साथ इतना बड़ा धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को जब भी किसी भी तरह की आवश्यकता होगी तो पूरा शहर उनके साथ एकजुट खड़ा मिलेगा। किसान नेता रामविलास चोयल ने बताया कि 22 दिसम्बर तक अगर प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती और बैंक एमडी दीपक कुक्कड़ को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो 23 दिसम्बर को बैंक के समक्ष महापड़ाव डाला जाएगा। हजारों किसान एकत्रित होकर प्रशासन और बैंक को घेरने का काम करेंगे। चोयल ने कहा कि किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अत्याचार के खिलाफ लड़ते हुए किसानों को उनका पैसा दिलवाकर रहेंगे। जरूरत पड़ी तो जयपुर में मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री से मिलकर किसानों की पीड़ा से अवगत करवाएंगे। किसान अमरचंद राहड़ एवं रजीराम ने आरोप लगाया कि सहकारिता विभाग में महाभ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस कारण भ्रष्ट अधिकारियों के हौंसले बुलंद हैं और ग्राम सेवा सहकारी समितियों में लगातार गबन के मामले बढ़ रहे हैं। किसान खून के आंसू रोने को मजबूर है। इस मौके पर राकेश जोशी, महावीर गोदारा, रवि बिस्सू, दीपचंद गढवाल, धीरज शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, टेकसिंह कूकणा, लवप्रीत सिंह मेहरा, सिद्धार्थ सोनी, सुमनप्रीत सिंह, हेमंत मोर्य, वेद शर्मा सहित अन्य किसान मौजूद थे।