दौसा. परीक्षा आते ही उसका डर सताने लगता है। परीक्षा फोबिया हावी हो जाता है, परीक्षा फोबिया को दूर करने के लिए एक्सपर्ट्स की ओर से परीक्षा पर चर्चा की जाती है। कई स्कूलों में काउंसलिंग भी की जाती है, लेकिन बावजूद इन सभी प्रयासों के कई बार दुखद घटनाएं घट जाती है। ताजा मामला, दौसा जिले के लालसोट जिले की न्यू कॉलोनी का है। यहां दसवीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा खुशबू मीणा ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। खुशबू मीणा सुसाइड के बाद जैसे ही उसके परिजनों को पता लगा तो परिजन भी लालसोट में पहुंचे और दहाड़े मार मार कर रोने लगे। आंखों में आंसू और विलाप करती हुई मां का यही कहना था खुशबू बार-बार कहती थी कि उसके अंक अच्छे नहीं आएंगे लेकिन उसे हम समझाते थे कि उन्हें अंक नहीं चाहिए। लेकिन काफी समझाने के बावजूद भी उसने यह कदम उठा लिया। बताया जा रहा है कि मृतक छात्रा खुशबू मीणा के पिता बसराम मीणा जालौर में सरकारी शिक्षक हैं।
दसवीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा खुशबू मीणा बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह किराए के कमरे में रहकर पढ़ती थी। छात्रा मूलत: सवाई माधोपुर के बामनवास इलाके की रहने वाली थी। 16 मार्च राजस्थान में बोर्ड परीक्षाएं हैं, ऐसे बोर्ड परीक्षा से महज 14 दिन पहले खुशबू ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। ऐसा नहीं है कि छात्रा खुशबू पढ़ाई में कमजोर थी। वह इंटेलिजेंट थी लेकिन उसको आत्मविश्वास नहीं था कि उसके अंक 95 प्रतिशत से अधिक आएंगे।
घटना की सूचना के बाद लालसोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के रूम की तलाशी ली तो सुसाइड नोट मिला। अब पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद कर लिया है। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम भी करा दिया है इधर पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा कि मेरे से नहीं हो पायेगा,मैं नहीं बना पाती 95+ परसेंटेज, मैं परेशान हो गई इस दसवीं क्लास से, मेरे से अब और नहीं सहा जाता, आई लव यू पापा-मम्मी और ऋषभ, आई एम सो सॉरी…खुशबू।