जयपुर. NIA ने राजस्थान में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(PFI) की हिंसक गतिविधियों से जुड़े दो युवकों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। दोनों को देश-प्रदेश में अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच नफरत फैलाने का टारगेट दिया गया था। हथियार और विस्फोटक की ट्रेनिंग भी देनी थी।
इनका उद्देश्य 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था। इन्हें हिंसा और आतंक के लिए रुपए जुटाने का काम भी दिया गया था। दरअसल, सितंबर 2022 में आपराधिक साजिश की जांच करते हुए ये चार्जशीट दर्ज की है।
एनआईए ने बताया- कोटा के मोहम्मद आसिफ और बारां के सादिक सर्राफ पर मामला दर्ज कर जांच की गई थी।
जांच में सामने आया था कि ये लोग हिंसक घटना को अंजाम देने के लिए पीएफआई के लिए प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं की भर्ती किया करते थे। जांच में सामने आया कि ये हथियारों और विस्फोटकों को चलाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते थे।
लोगों को हथियार उठाने के लिए उकसाते थे
ये लोग पीएफआई के मेंबरों को हथियार उठाने के लिए उकसाने और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने में भी शामिल पाए गए। भारत में विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को सक्रिय रूप से बढ़ावा देते थे।
देश में इस्लामिक शासन स्थापित करने के लिए युवाओं को हिंसक तरीकों का सहारा लेने के लिए प्रेरित किया करते थे। इन लोगों ने मुस्लिम युवाओं को यह विश्वास दिलाने के लिए कट्टरपंथी बनाया कि भारत में इस्लाम खतरे में है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया या PFI
बता दें कि 2006 में केरल में बना मुस्लिम संगठन PFI, 1993 में बने नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट यानी NDF का ही मॉर्डन वर्जन है। NDF के 19 प्रमुख नेताओं में से एक प्रोफेसर पी कोया ने ही SIMI का गठन किया था।
PFI पर दक्षिण भारत में RSS के कम से कम 30 बड़े नेताओं की हत्या के आरोप हैं। इसके अंडर काम कर रहे कई संगठनों पर भी गैरकानूनी गतिविधियों शामिल होने का आरोप हैं।