जोधपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को लाल डायरी को लेकर जोरदार हंगामा हुआ और हाथापाई की नौबत आ गई। राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया है कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया और कांग्रेस के मंत्रियों ने उन्हें घसीट कर सदन से बाहर निकाल दिया। गुढ़ा ने रोते हुए मीडिया से कहा कि मैं 40 साल से कांग्रेस में कम कर रहा हूं। अभी कांग्रेस उदयपुर को देख ही नहीं रही, जबकि केंद्र स्तर के दो नेता यहां से हैं। इस बीच सदन में हुई हाथापाई को लेकर जोधपुर लोकसभा सीट से सांसद और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।
शेखावत ने एक ट्वीट कर लिखा कि राजेंद्र गुढ़ा का कहना है कि लाल डायरी में बहुत राज हैं, उसमें 500 करोड़ का हिसाब है और मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत का भी नाम है। आज विधानसभा में लाल डायरी लेकर गए गुढ़ा के साथ मारपीट कर उन्हें बाहर कर दिया गया। साफ है कि डायरी में लिखे काले धन के राज और नाम सामने आने से गहलोत का राजनीतिक जीवन संकट में पड़ जाएगा। कांग्रेस की सरकार तक गिर सकती है और जैसा राजेंद्र गुढ़ा बता रहे हैं कइयों को जेल भी हो सकती है! विधानसभा सदन में आज राज्य सरकार ने लाल डायरी के राज सामने आने से रोकने के लिए गुंडागर्दी कराई है। वहीं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष व बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने भी ट्वीट कर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि आज बच्चन साहब की फिल्म डॉन याद आ गई, वहां भी खलनायकों के बीच लाल डायरी का ही झगड़ा था।
वहीं शून्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने स्थगन प्रस्ताव के तहत बोलने के लिए विधायक नारायण बेनीवाल का नाम पुकारने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य खड़े हो गए और हाथ में लाल डायरी लिए हुए वेल में आ गये और जोरदार नारेबाजी करने लगे इससे सदन में हंगामा हुआ। इस दौरान मंत्रिमंडल से बर्खास्त राजेंद्र गुढ़ा भी हाथ में लाल डायरी लेकर अध्यक्ष के सामने पहुंच गये और लाल डायरी पर सदन में बोलने अनुमति मांगने लगे। इस पर डॉ. जोशी ने अनुमति देने से मना कर दिया और अपनी जगह पर जाने के लिए कहा लेकिन गुढ़ा नहीं माने और बोलते रहे। अध्यक्ष ने कहा कि आप मेरे चैम्बर आकर बात कर सकते हैं लेकिन गुढ़ा आसन के सामने खड़े रहे और बोलते रहे।
बाद में गुढ़ा संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल की तरफ गये उनके सामने पड़े एक कागज को उठाने का प्रयास किया। इस दौरान विधायक रफीक खान बीच में आ गए और गुढ़ा को धारीवाल के सामने से दूर करने का प्रयास किया। इस बीच वेल में खड़े विपक्ष के सदस्य और पक्ष के सदस्य आमने सामने हो गये और हाथापाई की नौबत आ गई। बाद सदस्यों ने बीच बचाव करते हुए एक दूसरे को अलग किया। स्थगन के बाद सुरक्षाकर्मी गुढ़ा को सदन के बाहर ले गए। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने हंगामे बीच कहा कि लाल डायरी का रहस्य क्या है इस बारे में सरकार को बताना चाहिए। उधर सदन के बाहर भी राठौड़ ने मीडिया से कहा कि जब तक लाल डायरी पर सरकार का वक्तव्य नहीं आ जाता है वे सदन नहीं चलने देंगे।