नूंह. सरकारी एजेंसियों ने नूंह में दो हजार माइग्रेंट्स की आईडी सत्यापन की सिफारिश की है। ये फैसला नूंह हिंसा में सोमवार को दो रोहिंग्या की गिरफ्तारी के बाद लिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 31 जुलाई को नूंह हिंसा में म्यांमार से आए लोग शामिल थे, जो आसाम या बंगाल की अवैध आइडेंटिटी के जरिये नूंह पहुंचे थे। इस बारे में नूंह के एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि आईडी सत्यापन की जरूरत है ताकि उससे कानूनी तरीके से निपटा जा सके। इन लोगों को यहां शरण देने के बदले शोषण किया जाता है। इन्हें खरीदा जाता है या फिर गैरकानूनी कामों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। इनपुट मिले हैं कि लोकल लोगों की तरफ से उनकी महिलाओं का शोषण किया गया है। इसलिए इनकी आईडी चैक कर एक्शन लेने की जरूरत है। फरीदाबाद में बुधवार को धारा 144 हटाई गई, लेकिन बवाल की खबर सुनने को मिली। गोंछी स्थित गोला चौक पर मंगलवार देर रात एक युवक ने ट्रैक्टर में आग लगा दी। सीसीटीवी में एक शख्स नजर आ रहा है। जो ट्रैक्टर के पास आता है और उसमें आग लगा देता है और भाग जाता है। गोदाम में चार से पांस ट्रैक्टर खड़े थे। नारनौल के कनीला में बाबा मोलड नाथ मैदान में मंगलवार की शाम को कस्बेवासियों की ओर से एक पंचायत का आयोजन किया गया था। करीब दो घंटे तक चली। इस पंचायत में कस्बे में किराये पर रह रहे लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन सहित अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान पूर्व पार्षद व समाजसेवी भगत सिंह ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जुड़ने की अपील की।