अजमेर
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के चल रहे इंटरव्यू में अच्छे मार्क्स व सिलेक्शन का दावा कर रिश्वत लेने वाले आरोपी जूनियर अकाउन्टेंट के ऊंचे रसूखात की पड़ताल में ACB जुट गई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग के मेंबर राजकुमारी गुर्जर व उनके रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पति भेरो सिंह गुर्जर से अच्छे ताल्लुक बताकर उनके नाम से आरोपी सज्जन सिंह गुर्जर रिश्वत ले रहा था। इस तरह की वार्ता का रिकॉर्ड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुलदीप ने बताया कि देर रात ACB ने नरेन्द्र पोसवाल जो कि अपने आपको राजकुमारी गुर्जर का पीए कहता था,उसे भी ACB ने गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने अपने ऊंचे रसूखात व मेंबर के नाम पर यह घूस ली थी। जांच की जा रही है और जांच के बाद ही मेंबर की मिलीभगत के बारे में कुछ कहा जा सकता है।

गिरफ्तार नरेन्द्र पोसवाल
कौन है नरेन्द्र पोसवाल?
नरेन्द्र पोसवाल सिकंदरा टोल नाके पर काम करने वाला सुपरवाइजर है और इसके माफर्त ही बडे़ लोगों से सम्पर्क होना बताता था। यह भी पता चला है कि नरेन्द्र सज्जनसिंह के पडौस के गांव का रहने वाला है। जिसके माध्यम से ही सज्जनसिंह पैसे का लेनदेन करता था।
भाजपा सरकार में हुई थी नियुक्ति
आयोग सदस्य राजकुमारी गुर्जर की नियुक्ति भाजपा के शासन काल में हुई थी और इन्होंने 7 दिसम्बर 2016 को पदभार ग्रहण किया था। भाजपा शासन काल में ही शिवसिंह राठौड़ व रामूराम रायका की भी नियुक्ति हुई। जबकि अध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह व अन्य चार सदस्य संगीता आर्य, जसवंतसिंह राठी, बाबूलाल कटारा, मंजू शर्मा की नियुक्ति कांग्रेस सरकार बनने के बाद हुई।
राजकुमारी गुर्जर के पिता उमरावसिंह गुर्जर पूर्व में जनता पार्टी के समय महवा के विधायक रहे। राजुकमारी भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव व प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ दौसा और भरतपुर जिले की प्रभारी भी रहीं। इनके पति भैरोसिंह गुर्जर दिल्ली में यूनियन टेरेटरी कैडर के आईपीएस थे। जो रिटायर्ड हो चुके।
RPSC कर चुकी है सम्मानित
पच्चीस लाख की घूस के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सज्जन सिंह को 15 अगस्त 2019 को RPSC सम्मानित कर चुकी है। इसमें उनकी कुशलता, कर्तव्यपरायणता व योग्यता का हवाला दिया था। बताया जाता है कि आयोग को सज्जन कुमार गुर्जर के खिलाफ एक साल पूर्व में भी एक बेनामी शिकायत मिली थी। यह शिकायत भी भ्रष्टाचार से संबंधित बताई जा रही है। लेकिन आयोग ने उस समय सज्जन सिंह गुर्जर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। लेखा सेवा से सज्जन सिंह गुर्जर करीब 3 साल पहले आयोग में डेपुटेशन पर आया था। यहां आने से पूर्व वह दिल्ली में पुलिस कांस्टेबल पद पर कार्यरत था।
यह है मामला
ACB की जयपुर तृतीय इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि RAS प्रतियोगी परीक्षा 2018 के इंटरव्यू में अच्छे अंक दिलवाने एवं सिलेक्शन कराने के एवज में सज्जन सिंह गुर्जर ने 25 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुलदीप के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। इसके बाद अजमेर के काकरिया में किराए के मकान में रह रहे सुनगाड़ी, बांदीकुई, दौसा निवासी सज्जन सिंह गुर्जर को अजमेर में परिवादी ने 23 लाख रुपए (1 लाख रुपए भारतीय मुद्रा एवं 22 लाख डमी मुद्रा) रिश्वत दी।
सज्जन सिंह ने खुद काे घिरा पाकर रिश्वत में ली गई नाेटाें की गड्डियों काे पास के मकान की छत पर फेंकना शुरू कर दिया। बाद में ACB टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से नाेटाें की गड्डियां बरामद की। आरोपी ने दो लाख खुद के लिए और 23 लाख रुपए ऊपर के अधिकारियों को पहुंचाने के लिए मांगे थे।
रेवेन्यू बाेर्ड के बाद दूसरा बड़ा संस्थान जिस पर उंगली उठी
अजमेर के लिए रेवेन्यू बाेर्ड, RPSC और माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड का विशेष महत्व है, क्याेंकि राजधानी नहीं बनाए जाने के एवज में यह तीनाें प्रमुख कार्यालय यहां स्थापित किए गए थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल की कमेटी और इसके बाद बने राव कमीशन ने अजमेर मेरवाड़ा के राजस्थान राज्य में विलय के बाद इन तीनाें प्रमुख कार्यालयाें काे अजमेर में स्थापित करने पर मुहर लगाई थी, लेकिन पिछले कुछ सालाें में इन तीनाें संस्थाओं पर दाग लग गए हैं। तीन महीने पहले रेवेन्यू बाेर्ड में रिश्वत लेकर मुकदमाें का फैसला करने के आराेप में ACB ने बाेर्ड के सदस्य सुनील शर्मा और बीएल मेहरड़ा सहित बिचाैलिए वकील शशिकांत जाेशी काे गिरफ्तार किया था।
वहीं एक मेंबर और सरकारी वकील ACB की FIR में नामजद है जिनके खिलाफ जांच जारी है। शर्मा, मेहरड़ा और जाेशी अभी जेल में है। इससे पहले भी रेवेन्यू बाेर्ड में एसीबी की कार्रवाई हाे चुकी है जिसमें बैक डेट में फैसला देने के आराेप में तत्कालीन अध्यक्ष उमराव सालाेदिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं पूर्व में रिश्वत लेकर फैसले लिखवाने के मामले भी पकड़े गए थे। माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड की बात करें ताे यहां के वित्त निदेशक तंवर काे शिक्षा बाेर्ड की एफडीआर के जरिये कराेड़ाें रुपए हड़पने का आराेप लगा।
आरपीएससी में इससे पहले आरएएस परीक्षा के पर्चा आउट हाेने संबंधी प्रकरण में चर्चा में रहे हैं और इससे जुड़ा एक मामला ताे अब तक लंबित है। इन सभी मामलाें में एक बात काॅमन है कि इन संस्थाओं काे बदनाम करने वाले और यहां भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी और बिचाैलिए अजमेर के नहीं हाेकर बाहर से यहां आए लाेग हैं जिन्हें इन संस्थाओं में काम करने का माैका मिला और उन्हाेंने इन्हें कलंकित किया।
2 दिन के इंटरव्यू और शेष
राजस्थान लोक सेवा आयोग में आरएएस 2018 के इंटरव्यू की प्रक्रिया जारी है। यह इंटरव्यू 13 जुलाई को पूरे हो जाएंगे। अब केवल 2 दिन के इंटरव्यू और शेष है। माना जा रहा है कि आयोग आरएएस 2018 का फाइनल परिणाम अगले सप्ताह में जारी कर सकता है। आयोग में शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेंगे। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को आरएएस के इंटरव्यू होंगे। आयोग सूत्रों के मुताबिक करीब सवा सौ अभ्यर्थियों के इंटरव्यू और बचे हैं। आयोग 4 बोर्ड में प्रतिदिन 64 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू आयोजित कर रहा है।
1051 अफसर मिलेंगे प्रदेश को
आयोग द्वारा आरएएस 2018 प्रतियोगी परीक्षा कुल 1051 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। यह भर्ती प्रक्रिया करीब 3 साल में पूरी होगी। बीच में यह परीक्षा इंटरव्यू में अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर कोर्ट में चली गई थी, लेकिन आयोग द्वारा प्रभावी पैरवी के बाद यह मामला सुलट गया था और इंटरव्यू शुरू हो गए थे।
1000 पदों पर होगी आरएएस 2021 भर्ती परीक्षा
आयोग आरएएस दो हजार अट्ठारह भर्ती प्रक्रिया कंप्लीट करने के साथ ही आरएएस 2021 की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। आयोग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि आयोग द्वारा आरएएस 2021 के विज्ञापन को फाइनलाइज किया जा चुका है। माना जा रहा है कि 1000 पदों के लिए भर्ती होगी।