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राजस्थान में बरसात की कमी से कई जिलों में सूखने लगी फसल

जयपुर (वार्ता). राजस्थान में मानसून के लगातार पिछले दिनों से फीका रहने से बरसात की कमी के कारण खरीफ की फसल सूखने लगी है जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है वहीं अगले पांच दिनों में अच्छी बरसात की कोई संभावना भी नहीं जताई गई हैं।
हालांकि राज्य में अब तक औसत सामान्य बरसात दर्ज हो चुकी है लेकिन इस महीने बहुत कम बरसात हुई है और पिछले 15-20 दिन से मानसून की अच्छी बरसात नहीं होने से जहां बरसात की कमी वाले जिलों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच गई हैं वहीं औसत सामान्य वर्षा वाले जिलों में भी किसानों की फसल सूखने लगी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 19, 20 एवं 21 अगस्त को जोधपुर एवं बीकानेर संभाग में कहीं कहीं हल्की वर्षा, 22 एवं 23 अगस्त को कोटा उदयपुर, भरतपुर, जयपुर संभागों कहीं कहीं वर्षा होने की संभावना हैं।
प्रदेश में बरसात की कमी से खरीफ की फसले सूखने लगने पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने शुक्रवार को कहा कि बारिश की कमी के कारण फसलें सूखने पर आ गई और फसलें सूख गई तो अकाल की स्थिति आ जायेगी। ऐसे में राज्य सरकार को तत्काल किसानों को 24 घंटें बिजली देनी चाहिए ताकि इससे सिंचाई के साधन वाले किसान तो फसल को बचा सके।
श्री जाट ने कहा कि सरकार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुआवजा दोनों को प्रभावी बनाया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जो खामियां है उन्हें दूर किया जाना चाहिए ताकि किसानों को फसल खराब होने पर पूरा मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि फसल खराब होने की सूचना देने का जिम्मा सरकार को लेना चाहिए और सरकार स्वत: संज्ञान लेकर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार दोनों में किसानों की फसल खराब होने पर अधिक से अधिक मुआवजा देने के लिए होड़ होनी चाहिए, वैसे भी अब चुनावी समय आ गया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार राजस्थान में गत एक जून से 18 अगस्त तक सामान्य वर्षा 391़ 38 मिलीमीटर के मुकाबले 413़ 54 मिलीमीटर बरसात हुई जो सामान्य वर्षा है। राज्य के आठ जिलों जैसलमेर, बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़ डूंगरपुर, झालावाड़ एवं प्रतापगढ़ में अभी भी बरसात की कमी है। प्रदेश में जैसलमेर जिले में सबसे ज्यादा बरसात की कमी बनी हुई है और वहां अब तक सामान्य से 53़ 5 प्रतिशत कम बारिश हुई। जैसलमेर में सामान्य वर्षा 132़ 30 मिलीमीटर की तुलना में अब तक केवल 61़ 50 मिलीमीटर बरसात हुई। इसी तरह बारां जिले में सामान्य से 41 प्रतिशत वर्षा कम हुई है जबकि बांसवाडा जिले में 26 प्रतिशत बारिश की कमी है।
हालांकि अब तक जालोर जिले में 692़ 60 मिलीमीटर के साथ सर्वाधिक बरसात दर्ज की गई है जो सामान्य से 123़ 2 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद बाड़मेर में अब तक सामान्य से 119़ 3 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इसके अलावा पाली एवं सिरोही जिलों में भी अब तक असामान्य बरसात हो चुकी है जबकि आठ जिलों अजमेर, बीकानेर, गंगानगर, झुंझुनूं, जोधपुर, नागौर, राजसमंद और सीकर में सामान्य से अधिक और तेरह जिलों अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरु, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर, टोंक एवं उदयपुर में सामान्य बरसात हो चुकी है।
राजधानी जयपुर सहित कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का साधन टोंक जिले के बिसलपुर बांध में इस बार उसकी भराव क्षमता 1095़ 84 एम्क्यूएम की तुलना में अब तक उसका जलस्तर 795़ 05 एमक्यूएम पहुंचा है जो भराव क्षमता का 72़ 56 प्रतिशत है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में मानसून ने गत 25 जून को कुछ पश्चिमी भागों में प्रवेश करने के बाद पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ और अच्छी बरसात हुई लेकिन पिछले 15-20 दिन से फीका रहने से तेज गर्मी भी बढ़ने लगी है।