बीकानेर. शिक्षा विभाग में वैसे तो सालभर प्रतिनियुक्ति के माध्यम से शिक्षकों को इच्छित स्थान पर तबादले का खेल चलता है। परन्तु तबादले खुलने के आदेश के बाद भी शिक्षण व्यवस्था के नाम पर प्रतिनियुक्तियों ने सबको हैरान कर दिया है। माना जा रहा है इन प्रतिनियुक्तियों की पहले हो चुकी डील को सिरे चढ़ाने के लिए एेसा किया गया है। दूसरी तरफ प्रशासनिक विभाग के स्पष्ट आदेश है कि बिना अनुमति के प्रतिनियुक्ति नहीं की जाएं। शिक्षा विभाग पर इसका कोई असर नहीं होता। ताजा मामला पाली जिले का है।
पाली के जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 जुलाई को एक तृतीय श्रेणी अध्यापिका लेवल 2 विषय हिंदी का तबादला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गेलावास पाली से राउमावि राना रोहट पाली में किया है। संस्था प्रधान ने 13 जुलाई को उसे कार्यमुक्त भी कर दिया। जबकि अभी तबादलों पर प्रतिबंध और सरकार ने 14 जुलाई से तबादले खुलने के आदेश भी जारी कर रखे है।
ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर १४ अगस्त तक तबादले करने तय होने के बावजूद ठीक दो दिन पहले शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रतिनियुक्ति करना सरकारी व्यवस्था का माखौल उड़ाने से कम नहीं है।
विभाग में यह एक ही एेसा मामला नहीं है। इससे पहले भी कई आदेश शिक्षण व्यवस्था और प्रतिनियुक्ति के नाम पर हो चुके है। ऐसे शिक्षक अपनी पहुंच और धन-बल के बूते इच्छित स्थानों पर जमे हुए है। ज्यादा संभावना है कि आने वाली तबादला सूची में प्रतिनियुक्ति वाले स्थान पर ही प्रतिनियुक्ति पर लगे शिक्षक को समायोजित भी कर दिया जाएगा।
निदेशालय की नाक के नीचे
प्रतिनियुक्ति गहरी जड़े जमा चुकी है, इसका उदाहरण शिक्षा निदेशालय वाले बीकानेर का है। नोखा तहसील के जरासर के राजकीय बालिका उमावि. के तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक मोहम्मद असगर अली को कोरोना काल में स्कूलें बंद होने के बावजूद बीकानेर शहरी क्षेत्र में राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय आर्य समाज में लगा दिया गया। एेसे ही 4 शिक्षिकाओं को एक साल से ज्यादा समय से एक ही स्कूल राउप्रावि बीएसएफ में शिक्षण व्यवस्था में पदस्थापन चल रहा है। इनमें कल्पना कुमारी को कोडमदेसर से, संगीता कुमारी को भरतपुर जिले से, सरोज कुमारी को बांदरबास खाजूवाला से तथा कविता रानी को शेरेरा से लगाया हुआ है।
तीन को एक ही पुस्तकालय में लगाया
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जून में तृतीय श्रेणी के तीन शिक्षकों की अलग-अलग जिलों से जयपुर शहर में प्रतिनियुक्ति की। इनमें राउप्रावि खटकड़ झालावाड़ के ओमप्रकाश यादव अध्यापक लेवल-2 विज्ञान-गणित, अशोक कुमार सामरिया अध्यापक लेवल-2 सामाजिक विज्ञान राउप्रावि कालीकांकर जवाजा अजमेर से, दीपिका यादव अध्यापिका लेवल-2 अंग्रेजी राउप्रावि विजयपुर भीलवाड़ा से पुस्तकालयाध्यक्ष तृतीय श्रेणी राजकीय महाराजा सार्वजनिक पुस्तकालय चौड़ा रास्ता जयपुर में किया। ये पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर कार्यरत ही नहीं है। हैरानी की बात यह है कि तीनों को एक ही पुस्तकालय में पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।