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क्लीन फ्यूल:पूरी तरह एथनॉल से चलने वाली कार देखना चाहती है सरकार, 2023-24 तक पेट्रोल में 20% तक ब्लेंडिंग का लक्ष्य: गोयल

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि एथनॉल ब्लेंडिंग के मामले में सरकार का अंतिम उद्देश्य यह है कि देश की सड़कों पर पूरी तरह एथनॉल से चलने वाली गाड़ियां दिखें। सरकार ने ऑयल कंपनियों के लिए पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग यानी उसमें एथनॉल की मात्रा को 20% तक लाने की समय-सीमा 2025 से घटाकर 2023-24 तक कर दी है।

जून में किया था समय-सीमा घटाने का फैसला

सरकार ब्लेंडिंग पर फोकस पेट्रोल के इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने और इंधन को पर्यावरण अनुकूल बनाने के मकसद से कर रही है। इससे उपभोक्ताओं को सस्ता और क्लीन फ्यूल मिलेगा। चीनी कंपनियों को एथनॉल उत्पादन बढ़ाकर ज्यादा कमाई करने को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने जून में जब समय-सीमा घटाने का फैसला किया था, चीनी कंपनियों के शेयरों में लगभग 8% का उछाल आया था।

बैटरी टेक्नोलॉजी सरकार के मकसद के लिए अहम

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का अंतिम उद्देश्य यह है कि देश की सड़कों पर पूरी तरह एथनॉल से चलने वाली गाड़ियां दिखें। उन्होंने यह भी कहा कि बैटरी टेक्नोलॉजी सरकार के ऊर्जा के टिकाऊ स्रोतों और अक्षय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के मिशन को हासिल करने के लिए बहुत जरूरी होगी। गोयल ने कहा कि देश में बैटरी टेक्नोलॉजी पर भारी भरकम निवेश किया जा रहा है।

मई अंत तक एवरेज ब्लेंडिंग पर्सेंटेज सिर्फ 7.56% था

गोयल ने CII के आत्मनिर्भर भारत कॉन्फ्रेंस एंड एग्जिबिशन – सेल्फ रिलायंस इन RE (रिन्यूएबल एनर्जी- अक्षय ऊर्जा) मैन्युफैक्चरिंग को संबोधित करते हुए कहा, ‘2023-24 तक देश में पेट्रोल प्रॉडक्ट में 20% एथनॉल मिलाया जाने लगेगा। हमारा अंतिम लक्ष्य देश में पूरी तरह एथनॉल से चलने वाली गाड़ियां लाना है।’ गौरतलब है कि चालू एथनॉल सप्लाई ईयर (दिसंबर 2020 से नवंबर 2021) में मई अंत तक एवरेज ब्लेंडिंग पर्सेंटेज सिर्फ 7.56% था।

2030 तक अक्षय ऊर्जा की 450 GW कैपेसिटी का टारगेट

उन्होंने कहा कि बैटरी वाली कारें चलाने वालों को अपने व्हीकल रिन्यूएबल एनर्जी के सोर्स या दिन में सोलर एनर्जी से चार्ज करने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने देशभर के गैस स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की संभावना तलाश रही है।

गोयल ने यह भी कहा कि सरकार ने 2030 तक अक्षय ऊर्जा के स्रोतों से 450 गीगावॉट बिजली हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पहले 2022 तक ऊर्जा के ऐसे स्रोतों से 175 गीगावॉट बिजली बिजली हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया था।

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