बीकानेर.
निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते गुरुवार को संभाग की साढ़े चार हजार निजी बसें नहीं चली। एक दिन के चक्का जाम से निजी बस ऑपरेटरों को करीब साढ़े चार करोड़ रुपए कारोबारी नुकसान हुआ है।
पूर्व घोषणा के अनुसार सुबह सात से शाम सात बजे तक संचालित सभी निजी बसें और लोक परिवहन से जुड़ी बसें चक्का जाम में शामिल हुई। शाम सात बजे बाद निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी बसों का संचालन शुरू किया। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के बीच रोडवेज के विभिन्न डिपो से अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया था। बीकानेर बस यूनियन के संभाग अध्यक्ष हिम्मत सिंह राठौड़ एवं जिलाध्यक्ष समुन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार की अनदेखी के चलते निजी बस ऑपरेटरों को करोड़ों रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से कोरोना महामारी के दौरान वसूले गए टैक्स को माफ करने की बार-बार अपील की जा रही थी, लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। आखिरकार बस संचालकों ने मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों को एक दिन की हड़ताल के कारण करीब साढ़े चार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
रोडवेज ने चलाई बसें
रोडवेज के ट्रेफिक मैनेजर अंकित कुमार शर्मा ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के बीच रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का संचालन किया था, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने बताया कि बीकानेर डिपो ने खाजूवाला, फलौदी ने बीकानेर तथा श्रीगंगानगर डिपो ने बीकानेर वाया सूरतगढ़ एक-एक अतिरिक्त बस चलाई थी। हालांकि शाम सात बजे बाद निजी बस ऑपरेटरों ने भी अपनी-अपनी बसों का संचालन शुरू कर दिया था। रात को चलने वाली सभी स्लीपर बसें संचालित हुईं।
परिवहन मंत्री से मिलने पहुंचे
बीकानेर बस यूनियन के संभाग अध्यक्ष हिम्मत सिंह राठौड़ एवं जिलाध्यक्ष समुन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बस ऑपरेटरों से जुड़े यूनियन के पदाधिकारी जयपुर पहुंचे। पदाधिकारियों के अनुसार जयपुर में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर टैक्स माफी, किराया सूची में बदलाव सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर बात शुक्रवार को करेंगे।