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दिनदहाड़े हुई 14 लाख लूटने वाले 4 लोग गिरफ्तार:3 दिन से कर रहे थे ज्वेलरी शोरूम की रैकी, खुद को प्रोपर्टी व्यवसायी बता होटल में रहे; बीच सड़क पर छीने थे रुपए

भीलवाड़ा

शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की सीमा में आने वाले डीपी ज्वेलर्स के कर्मचारियों के साथ हुई 14 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी मोहम्मद अबरार, रोशन उर्फ बंटी, सफीक और मुस्तफा मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से ज्वेलरी कर्मचारियों से लूटी गई राशि भी बरामद कर दी है। पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने इस पूरी लूट का रविवार को राजफाश करते हुए पुलिस की विभिन्न टीमों द्वारा की गई कोशिशों के बारे में जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि ज्वेलरी शोरूम के कर्मचारियों के साथ हुई लूट की वारदात में चार आरोपी शामिल थे। तीन आरोपी मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार किया। वहीं, एक आरोपी भीलवाड़ा हमीरगढ़ का रहने वाला था। पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी मोहम्मद अबरार पुत्र मोहम्मद इस्माइल, उदयपुर के प्रताप नगर निवासी रोशन उर्फ बंटी पिता फूलचंद लखारा, मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी सफीक पिता शौकीन शाह फकीर ओर भीलवाड़ा के हमीरगढ़ निवासी मुस्तफा मोहम्मद पुत्र अयूब मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा लूट से 2 दिन पहले शोरूम के कर्मचारियों की पूरी रैकी की गई थी। इस रैकी करने में हमीरगढ़ निवासी मुस्तफा मोहम्मद का पूरा सहयोग था।

शुक्रवार दोपहर 12.42 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित डीपी ज्वेलर्स के कर्मचारी भैरूलाल कुमावत व भगवतीलाल शोरूम में इकट्ठा हो रखे 14 लाख रुपए को बैंक में जमा कराने के लिए जा रहे थे। कर्मचारी पुर रोड स्थित एसके प्लाजा बिल्डिंग में ICICI बैंक में पैसा जमा करवाने वाले थे। कर्मचारी शोरूम की कार में बैठकर रवाना हुए ही थे कि राजेंद्र रोड पर कुल्हड़ चाय स्टॉल के सामने दो बाइकों पर सवार होकर 4 नकाबपोश आए। इन्होंने कार को रुकवाया वे इनमें से दो बदमाश उतरे और कार का कांच फोड़कर एक कर्मचारी की गोदी में रखे रुपयों से भरे बैग को छीन कर फरार हो गए थे।

रैकी करने के लिए होटल में रुके थे बदमाश
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि शोरूम के कर्मचारी से लूट करने से पहले इन चारों बदमाशों ने 2 से 3 दिन तक क्षेत्र की पूरी रैकी की थी। शोरूम से निकलने वाले कर्मचारियों द्वारा पैसा जमा कराने के संबंध में भी रैकी की थी। इसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। रैकी करने के लिए 3 दिन तक यह चारों बदमाश भीलवाड़ा के ही एक होटल में रुके थे। भीलवाड़ा में प्रॉपर्टी का कार्य होने के बाद होटल संचालक से कही थी।

CCTV फुटेज खंगाले
भीलवाड़ा में दिनदहाड़े हुई इतनी बड़ी लूट की वारदात पुलिस के लिए भी एक चैलेंज बन गई थी। पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा के नेतृत्व में करीब 10 टीमों ने अलग-अलग एंगल से इस पूरे मामले की जांच की थी। जहां आईटी टीम संदिग्ध मोबाइल नंबर की जांच कर रही थी। वहीं, पुलिस के विशेष दल भीलवाड़ा से निकलने वाले सभी रास्तों की जांच कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे थे। पुलिस के पास चारों बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज से मिले हुलिए के अलावा कोई भी दूसरा ऑप्शन नहीं था। पुलिस के मुखबिर तंत्र और पुलिस टीमों द्वारा की गई कोशिश से चारों बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

अन्य राज्यों में भी दे चुके हैं लूट की वारदातों को अंजाम
पुलिस ने बताया है कि पुलिस के हत्थे चढ़े यह चारों आरोपी लूट के मामले में शातिर बदमाश हैं। इन्होंने पहले भी राजस्थान, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों के अलग-अलग जिलों में ऐसे ही लूट की वारदातों को अंजाम दे रखा है।

मुस्तफा के पकड़ में आने के बाद सभी बदमाश आ गए पकड़ में
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि पुलिस टीमों ने CCTV फुटेज और IT की मदद से सबसे पहले हमीरगढ़ से मुस्तफा मोहम्मद को दबोचा था। इससे पूछताछ के बाद में लूट में शामिल तीनों बदमाश मोहम्मद अबरार, रोशन व शफीक को पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर उज्जैन क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।

10 टीमों ने 24 घंटे तक रखी निगरानी
लूट की वारदात होते ही पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने 10 विशेष टीमों का गठन किया। खुद एसपी विकास शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा व सीओ सिटी भवर रणधीर सिंह ने अभय कमांड में सीसीटीवी फुटेज की कमान संभाली और वहां से इन अपराधियों के हुलिए का पता लगाया। इधर, कोतवाल दुर्गा प्रसाद, प्रताप नगर थाना प्रभारी भजनलाल, पुर थाना प्रभारी मुकेश वर्मा, भीमगंज थाना प्रभारी सुरेश कुमार, सीआई गजेंद्र सिंह नरूका, एसआई स्वागत पांड्या के एएसआई साइबर सेल आशीष कुमार सहित पुलिस के कई कर्मचारियों ने इन आरोपियों को पकड़ने के लिए 24 घंटे तक सतर्कता दिखाई।

100 से ज्यादा CCTV फुटेज किए चेक, 70 से ज्यादा अपराधियों से पूछताछ
पुलिस ने बताया कि इस वारदात के बाद पुलिस के पास किसी भी प्रकार का सुराग नहीं था। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सुराग CCTV फुटेज ही बने पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा भीलवाड़ा के करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। इन CCTV फुटेज के आधार पर ही लूट की वारदात का घटनाक्रम और लुटेरों का हुलिया सामने आया। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र के इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाले करीब 70 से ज्यादा बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आम दिनों में रहते हैं सामान्य यह बदमाश
पुलिस ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले यह चारों बदमाश आम दिनों में सामान्य हैं। पुलिस के हत्थे चढ़ा इंदौर का मोहम्मद अबरार इंदौर में ही नगर परिषद में ठेके पर कचरे की गाड़ी चलाता है। वही सफीक इंदौर में ही छोटे-मोटे कारों के लेनदेन का काम करता वाला दलाल है। इसके अलावा हमीरगढ़ में रहने वाला मुस्तफा गाड़ियों का मिस्त्री है। पुलिस ने बताया कि इन चारों में से उदयपुर निवासी रोशन और बंटी लखारा आपराधिक प्रवृत्ति का ही है। और उसके रोजगार को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है।

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