जयपुर
70 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जयपुर की विश्वकर्मा थाना पुलिस ने एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पिछले एक साल से फरार चल रहा था। पिछले दिनों ठगी केस में मुख्य आरोपी के जोधपुर में होने की सूचना मिली। तब पुलिस ने सात दिन तक कैंप कर आरोपी को पकड़ा। यहां रविवार को जयपुर ले आए। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी के खिलाफ जयपुर में लाखों रुपए की ठगी के दो मुकदमे दर्ज है।
यह है ठगी का पूरा मामला
डीसीपी (वेस्ट) प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र चौधरी (32) संत धाम रोड, प्रताप नगर जोधपुर का रहने वाला है। इस संबंध में जयपुर के रहने वाले बनवारी लाल ने 1 जुलाई 2020 को विश्वकर्मा थाने में एक मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसमें बताया कि विश्वकर्मा इंडस्ट्रीयल एरिया में इनफिनिटी इंफोटेक के नाम से फर्म है। जिसमें पार्टनरशिप का झांसा देकर कंपनी संचालक वीरेंद्र चौधरी और उसके पिता बालाराम चौधरी ने फर्जी पार्टनरशिप डीड बनवा ली।
इसके बाद ठगी के शिकार कारोबारी बनवारीलाल से 70 लाख रुपए फर्म में निवेश के बहाने वसूल कर लिए। इसके बाद बालाराम और उसके बेटे वीरेंद्र चौधरी ने बनवारीलाल के बजाए किसी अन्य व्यक्ति को दस्तावेज बनवा कर फर्म में पार्टनर बना लिया। ठगी का पता चलने पर बनवारीलाल ने कारोबारी पिता पुत्र से रुपए लौटाने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया।
मुकदमा दर्ज होने पर पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार, बेटा हो गया फरार
वीकेआई थानाप्रभारी मांगीलाल विश्वोई ने बताया कि पीड़ित बनवारीलाल ने मुकदमा दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र के पिता बालाराम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मुकदमे में मुख्य आरोपी वीरेंद्र चौधरी फरार हो गया। वीकेआई पुलिस पिछले एक साल से उसकी तलाश कर रही थी। जोधपुर और जयपुर के ठिकानों पर छापा भी मारा। लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका।
आखिरकार, वीकेआई थाने में स्पेशल टीम के कांस्टेबल कमल सिंह और कांस्टेबल राजीवपाल को सूचना मिली कि वीरेंद्र सिंह जोधपुर में फरारी काट रहा है। तब दोनों पुलिस कांस्टेबल जोधपुर पहुंचे। वहां करीब एक सप्ताह तक सादावर्दी में इधर-उधर घूमकर वीरेंद्र चौधरी के बारे में जानकारी जुटाते रहे। उसके परिचितों से संपर्क किया। इसके जरिए पुलिस फरार आरोपी तक पहुंची। उसे पकड़ कर जयपुर ले आई।