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खास बातचीत:ईशा देओल बोलीं-ऐसी फिल्में बनाउंगी, जिससे व्यूअर्स के माइंड पर पॉजिटिव असर पड़े

मुंबई

एक्ट्रेस ईशा देओल दस साल बाद बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं। वापसी में ईशा ने एक्टिंग के अलावा प्रोड्यूसर के तौर पर डेब्यू भी किया है। 26 जुलाई को उनकी अभिनीत और निर्मित फिल्म ‘एक दुआ’ ओटीटी पर रिलीज हुई, जबकि आगामी फिल्म अजय देवगन के साथ ‘रुद्र’ कर रही हैं। इसके अलावा और भी प्रोजेक्ट उनके हाथ में हैं, लेकिन वे चाहती हैं कि उसकी अनाउंसमेंट प्रोडक्शन हाउस करे। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत में ईशा ने अपनी फिल्म और वापसी के बारे में कई बातें शेयर की हैं।

फिल्म एक दुआ में किसके लिए दुआ कर रही हैं?
फिल्म में अबीदा का किरदार निभा रही हूं। मेरा एक डायलॉग है, जहां पर बोलती हूं कि तू अल्लाह की देन है। इसके बारे में फैसले करने वाले हम कौन होते हैं। फिल्म में दुआ एक चीज के लिए मांगा जा रहा है। बेसिकली, जेंडर भेदभाव एक बड़ा इश्यू है। इसके अलावा फिल्म में बहुत कुछ इश्यू है। मेरा दावा है कि फिल्म देखने वालों के दिल ये बातें छू जाएंगी।

फिल्म में दो बच्चों की मां बनी हैं, ऐसे में कैरेक्टर की तैयारी के लिए क्या करना पड़ा?
मैं रियल लाइफ में खुद मां हूं। मेरे भी दो बच्चे हैं। फिल्म में मेरे कैरेक्टर का जो इमोशनल जर्नी है, पूरी तरह उसके अंदर मुझे घुस जाना था। वह बतौर मदर जिस माइंड से गुजरती है, उसकी फीलिंग पर फोकस करके परफॉर्म करना था। इस कैरेक्टर के लिए मुझे वजन बढ़ाना था, सो अच्छी तरह से वजन बढ़ाया। फिल्म करने के बाद मुझे वापस दूसरे प्रोजेक्ट के लिए वजन घटाना था, जिसे बहुत मेहनत करके कम कर पायी। खैर, एक दुआ में काफी हट्‌टी-कट्‌टी और नॉर्मल औरत की तरह दिख रही हूं, क्योंकि आराम से 10-12 किलो तो जरूर वेट पुटऑन किया है। इसके बाद दूसरे प्रोजेक्ट रुद्र की शूटिंग तुरंत शुरू करेंगे। इसके लिए मेरा जो नॉर्मल वेट था, वहीं पर आना था। बढ़ाने में टाइम लगता ही है। लेकिन वजन बढ़ाने में उतना टाइम नहीं लगा, जितना घटाने में लगा। वैसे बता दूं कि मुझे फिटनेस और डायट पर ध्यान रखने में बहुत मजा आता है। आई लव वर्किंग आउट। मुझे खाने का शौक है, सो सही वक्त पर सही तरह से खाना खाती हूं।

निर्माण क्षेत्र में उतरने का मेन मकसद क्या है, प्रोडक्शन के तहत किस तरह के प्रोजेक्ट क्रिएट करेंगी?
मेरा मकसद यही है कि ऐसी फिल्म बनाऊं, जहां पर व्यूअर के माइंड पर पॉजिटिव इम्पैक्ट हो। कोई भी पिक्चर देखे, तब उसके दिमाग पर साकारात्मक असर होना चाहिए। देखिए, मुझे सब्जेक्ट पर ज्यादा ध्यान देना है। जिसका कोई मायने और मीनिंग हो, वैसी फिल्में बनाऊंगी। जैसे एक दुआ बनाया है। मैं फिर से कहूंगी कि व्यूअर के दिमाग पर एक पॉजिटिव बदलाव लाना चाहती हूं। इस किस्म के प्रोजेक्ट अगर बना पाऊंगी, तब बनाऊंगी। बतौर प्रोड्यूसर एक दुआ मेरी पहली फिल्म है। इसकी कहानी मुझे बतौर एक्टर ऑफर की गई थी। लेकिन यह स्टोरी मेरे दिल को छू गई। इसका टॉपिक अर्वेनेस पर है, इसलिए लगा कि इस स्टोरी को बतौर प्रोड्यूसर बनाऊं। इस तरह मैंने भरत ईशा फिल्म्स को क्रिएट किया। फिर हमारे बैनर में एक दुआ फिल्म बनी। यह एक बड़े टॉपिक पर हमारा छोटा-सा कंट्रीब्यूशन है।

एक्टिंग की बात की जाए, तब वापसी में किस तरह के रोल निभाना चाहेंगी?
मैंने जब बॉलीवुड ज्वाइन किया, तब 18 साल की टीन एजर थी, तब उस किस्म के रोल किए। अब देखा जाए, तब मैं एक वाइफ और मदर हूं। ऐसे में एक औरत होते हुए मीनिंग फुल और मजेदार कर दिखाए, ऐसे रोल निभाना चाहूंगी। जो मुझे एज एन ए एक्टर सर्टिफाई करे, इस तरह चुनकर काम करना चाहती हूं।

अजय देवगन के साथ रुद्रा फिल्म कर रही हैं, इसके बारे में कुछ बताएं?
इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोल पाऊंगी। सेटअप बहुत अच्छा है। अजय के साथ वापस काम करना बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि पहले हमने साथ में कई फिल्में की हैं। हमारे बीच बतौर एक्टर एक कंफर्ट लेवल है। यह हमारे लिए अच्छी बात है।

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