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100 करोड़ की वसूली का मामला:अनिल देशमुख ED के सामने चौथी बार पेश नहीं हुए, लेटर भेजकर कहा- पावर का गलत इस्तेमाल कर रही जांच एजेंसी

मुंबई

चार बार समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद भी महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने सोमवार को पेश नहीं हुए। उनकी जगह उनके वकील इंद्रपाल सिंह ED ऑफिस पहुंचे और 75 साल के देशमुख के पेश होने पर असमर्थता जताई।

देशमुख के साथ उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे भी अभी तक ED ऑफिस नहीं पहुंचे हैं। इससे पहले भी देशमुख कोरोना महामारी और बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए पेशी से बचते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका का हवाला दिया
वकील के जरिए भेजे एक पत्र में देशमुख ने बताया कि उनकी याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। पत्र में देशमुख ने लिखा है कि 30 जुलाई को जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने 3 अगस्त को तारीख दी ED ने सोमवार के लिए समन जारी कर दिया। इससे पहले भी उनकी पत्नी और बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है, लेकिन वे सुनवाई के लिए एक बार भी हाजिर नहीं हुए।

ED पर देशमुख ने लगाया गंभीर आरोप
अनिल देशमुख ने ED को लिखे अपने पत्र में कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी द्वारा अपनी ताकत और अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि अभी तक मुझे ECIR की कॉपी ED की तरफ से या कोई भी दस्तावेज नहीं दिए गए हैं। जिससे साफ होता है कि यह समन केवल मीडिया में सनसनी फैलाने के लिए भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के 1 दिन पहले ED ने जो समन भेजा है, उससे मेरा डर और पुख्ता हो गया है कि ED की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है।

CBI भी कर रही है देशमुख की जांच
मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त और वर्तमान में होम गार्ड DG परमबीर सिहं ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगाया है, जिसके लिए अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

इस मामले में देशमुख के खिलाफ पहले CBI ने केस दर्ज किया था और फिर उसमें मनी ट्रेल की जानकारी मिलने के बाद ED की एंट्री हुई। ED ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। CBI दो बार देशमुख के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है।

देशमुख के PA और PS हुए हैं अरेस्ट
इस मामले में देशमुख के PA संजीव पलांडे और PS कुंदन शिंदे को अरेस्ट किया था, दोनों फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की कस्टडी में हैं। इन पर आरोप हैं कि ये इन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग में देशमुख की मदद की थी। देशमुख ने ED की पूछताछ से बचने के लिए एक पत्र लिखा था।

ED ने जब्त की थी देशमुख की दो प्रॉपर्टी
इसी मामले में 15 दिन पहले देशमुख और उनके परिवार की 4.2 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त किया गया था। इसमें नागपुर का एक फ्लैट और पनवेल की एक जमीन शामिल है। इसी मामले में देशमुख के PA संजीव पलांडे और PS कुंदन शिंदे को अरेस्ट किया था, दोनों फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की कस्टडी में हैं।

परमबीर सिंह के आरोप के बाद शुरू हुई है जांच
यह मामला देशमुख पर लगे वसूली के आरोपों से जुड़ा है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने करीब ढाई महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था।

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