नई दिल्ली
संसद के मानसून सेशन का तीसरा हफ्ता भी अब तक काफी हंगामेदार रहा है। पेगासस जासूसी कांड और नए कृषि कानून को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। बुधवार को भी जासूसी कांड पर दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा। विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में 40 मिनट के भीतर लिमिटेड लिबर्टी पार्टनरशिप (अमेंडमेंट) बिल, 2021 और डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी बिल, 2021 पास हुआ। इससे पहले इस सदन में एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2021 भी पारित हुआ। वहीं, लोकसभा में नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2021 पास हुआ।
TMC के 6 राज्यसभा सांसद दिन भर के लिए सस्पेंड हुए
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 6 सांसदों को आज दिन भर के लिए सस्पेंड कर दिया। इनमें डोला सेन, नदीमुल हक, अर्पिता घोष, मौसम नूर, शांता छेत्री और अबीर रंजन बिस्वास शामिल हैं। सदन में तख्तियां दिखाने और हंगामा करने को लेकर यह कार्रवाई हुई।
14 विपक्षी दलों के 18 नेताओं का जॉइंट स्टेटमेंट
14 विपक्षी दलों के 18 नेताओं ने बुधवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसके जरिए संसद में पेगासस जासूसी कांड और कृषि कानूनों पर चर्चा की मांग की गई। इसमें कहा गया कि संसद में गतिरोध के लिए सरकार जिम्मेदार है, सरकार विपक्ष पर आरोप लगाकर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। पूरा विपक्ष एकजुट है और संसद के दोनों ही सदनों में गृहमंत्री से पेगासस मामले पर जवाब चाहता है, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।
संसद के बाहर कांग्रेस और SAD में जुबानी जंग
कृषि कानून को लेकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच संसद के बाहर जुबानी जंग देखने को मिली। कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जिस समय सरकार कृषि कानून संसद में पास करा रही थी, उस वक्त SAD सरकार के साथ थी। उसके किसी भी नेता ने केंद्र सरकार के बिल पर ऐतराज नहीं जताया। संसद में जब बिल पास हो गया तब किसानों का हितैषी बनने के लिए शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने घर जाकर इस्तीफा दिया। ये लोग रोज ड्रामा करते हैं, जबकि इन लोगों के कैबिनेट में रहते हुए बिल पास हुआ।
इस पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जब बिल संसद में पास हो रहा था तो कांग्रेस ने बिल के समय वॉकआउट क्यों किया था? जब संसद में बिल पास हो रहा था, उस समय राहुल गांधी कहां पर थे? उस समय वो किसानों की आवाज बनकर संसद में क्यों नहीं आए। राहुल और सोनिया गांधी ने बिल के विरोध में संसद में अपनी बात क्यों नहीं रखी।
पेगासस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव भेजे गए
पेगासस पर लोकसभा में चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और मणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव भेजा। इसी मुद्दे पर TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी स्थगन प्रस्ताव दिया। वहीं, कांग्रेस MP दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया।
संसद को फिश मार्केट मत बनाइए: मुख्तार अब्बास नकवी
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन के चाट पापड़ी वाले बयान पर पलटवार किया। नकवी ने कहा कि अगर उन्हें चाट-पापड़ी से एलर्जी है, तो वे फिश करी खा सकते हैं लेकिन संसद को फिश मार्केट मत बनाएं। दुर्भाग्य से जिस तरह से संसद की गरिमा को धूमिल करने की साजिश के तहत काम हो रहा है वह पहले कभी नहीं देखा गया।
मंगलवार को संसद में पास हुए दो बिल
लोकसभा में मंगलवार को आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021 पारित हुआ। यह केंद्र सरकार को आवश्यक रक्षा सेवाओं में लगी इकाइयों में हड़ताल, तालाबंदी और छंटनी पर रोक लगाने की अनुमति देता है। वहीं, राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऋणशोधन और दिवाला संहिता (संशोधन) विधेयक-2021 पेश किया और उसे पारित भी कर दिया गया।
बीते दो हफ्ते में संसद में 18 घंटे ही हुआ कामकाज
संसद का मानसून सेशन 19 जुलाई से शुरू हुआ। बीते दो हफ्ते में दोनों सदनों को मिलाकर 18 घंटे ही कामकाज हो सका, जो कि 107 घंटे होना चाहिए था। लोकसभा में 7 घंटे और राज्यसभा में 11 घंटे कामकाज हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, कामकाज न होने से टैक्सपेयर्स का 133 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।