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वोडाफोन आइडिया खत्म होगी?:वोडाफोन ने कहा अब कोई पैसे नहीं डालेगी, बिरला ने कहा वह हिस्सेदारी बेचने को तैयार, सरकार कोई राहत देने के मूड में नहीं

मुंबई

लगता है देश में टेलीकॉम सेक्टर में अब दो ही कंपनियों का एकाधिकार होगा। जियो और एयरटेल तो रहेंगी, पर वोडाफोन आइडिया इस सेक्टर से बाहर जा सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वोडाफोन आइडिया की पार्टनर युनाइटेड किंगडम (UK) की वोडाफोन ने कह दिया है कि वह अब कोई पैसे कंपनी में नहीं डालेगी। दूसरी पार्टनर बिरला ग्रुप ने अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

उधर आज इस खबर के बाद इसका शेयर जमकर टूटा है। आज कंपनी का शेयर 20 पर्सेंट टूट कर 5.94 रुपए पर पहुंच गया है।

सरकार दे सकती है राहत पैकेज

खबर है कि सरकार टेलीकॉम सेक्टर को एक राहत पैकेज देने की तैयारी कर रही है। इसका प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है। इस महीने के अंत तक इसकी घोषणा हो सकती है। लेकिन आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला की पेशकश पर सरकार ने किसी भी तरह का प्लान नहीं बनाया है। बिरला ने सरकार को भेजे पत्र में अपील की है कि वह वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी किसी भी सरकारी कंपनी या घरेलू कंपनियों को देने को तैयार हैं।

बिरला की कम है हिस्सेदारी

सरकार का मानना है कि वोडाफोन आइडिया में बिरला की कम हिस्सेदारी है। ऐसे में अगर सरकार इसमें बिरला की हिस्सेदारी लेती भी है तो वह माइनॉरिटी शेयरहोल्डर होगी, जबकि वोडाफोन मेजॉरिटी शेयर होल्डर होगी। कंपनी में बिरला की 27.66% और वोडाफोन की 44.39% हिस्सेदारी है। अभी तक इस मामले में वोडाफोन ने सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। सरकार भी इसमें कोई स्पष्टता नहीं चाहती है।

BSNL के लिए 70 हजार करोड़ रुपए का पैकेज

सरकार ने पहले ही सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के लिए 70 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है। इसलिए सरकार अब टेलीकॉम सेक्टर में कोई पैसा खर्च नहीं करना चाहती है। वोडाफोन के CEO निक रीड ने पिछले दिनों कहा था कि भारत में टेलीकॉम सेक्टर तनावपूर्ण स्थिति में है। कंपनी इस ज्वाइंट वेंचर में अब कोई भी पैसा नहीं डालना चाहती है।

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