अलवर
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली पुलिस, उन्हीं से अपना इलाज करवा रही है। अलवर का एक झोलाछाप ऐसा ही दावा कर रहा है। इसका कहना है कि अलवर के दो डीएसपी और दो थानेदार उससे इलाज करा चुके हैं। इतना ही नहीं, वह आगे कहता है कि प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन पुलिस अफसरों का इलाज कर चुका है। सबूत के रूप में झोलाछाप डॉक्टर के पास पुलिस अधिकारियों के साथ खिंचवाए फोटो और लिखित में प्रमाण पत्र तक है। लिस्ट में इतने पुलिस ऑफिसर हैं कि पूरा एल्बम बन चुका है। झोलाछाप डॉक्टर सतपाल ग्राहक को प्रभावित करने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों का इलाज करने का सबूत पेश कर देता है। झोलाछाप का जिस अधिकारी के साथ फोटो है, उस पर पेट का इलाज करने की बात लिखी है। अधिकारी के हस्ताक्षर व मुहर तक हैं। उसकी कमाई में यह एलबम खूब काम आता है।

खुद के साथ पुलिस वालों की फोटो दिखाता झोलाछाप।
झोलाछाप का दावा, 90 प्रतिशत लोग शक्तिवर्धक दवा लेने आ रहे
इन दिनों अलवर के टेल्को चौराहे पर दुकान लगाने वाले झोलाछाप सतपाल का दावा है कि उनके पास 90 प्रतिशत लोग शक्तिवर्धक दवा लेने वाले आते हैं। पेट, डायबिटीज व कैंसर जैसी बीमारी का इलाज भी करते हैं, लेकिन उसकी खासियत शक्तिवर्धक दवा देने में है।

ये अलवर के रामगढ़ के डीएसपी ओमप्रकाश मीणा के साथ झोलाछाप का फोटो।
भास्कर ने स्टिंग किया तो खुला एल्बम भास्कर संवाददाता झोलाछाप डॉक्टर सतपाल की दुकान व ठिकाने दोनों जगह पहुंचा। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान उन्होंने बताया कि अलवर में रामगढ़ के डीएसपी ओमप्रकाश मीणा, नीमराणा के डीएसपी महावीर सिंह शेखावत, सदर थानाधिकारी महेश शर्मा व शिवाजी पार्क के पुलिस अफसर को दवा दे चुके हैं। इन अफसरों के बारे में सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि इनको किस रोग से जुड़ी दवाएं दी हैं। यह भी कह दिया कि उनके पास ज्यादातर शक्तिवर्धक दवा लेने वाले आते हैं। लिखित में सबने पेट में गैस व अपच जैसी समस्या का इलाज लेने का प्रमाण पत्र दे रखा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर मना कर दिया है। ऐसी कोई दवा नहीं ली है।
डायबिटीज व कैंसर के इलाज का भी दावा
झोलाछाप ने कैमरे के सामने यह दावा जरूर किया कि उसके पास 90 प्रतिशत शक्तिवर्धक दवा लेने वाले आते हैं। वैसे पेट की तकलीफ वाले भी आते हैं। डायबिटीज व कैंसर तक की दवा देने का दावा किया। कहा कि एक बार दवा लेकर देख लो। महीने का 800 से 1 हजार रुपए का दवा खर्च बताया। हर मर्ज की दवा का इलाज का खर्च अलग-अलग है।

ये है झोलाछाप का दवाखाना। जहां किया गया पूरा स्टिंग।
किन अफसरों के नाम एल्बम में
ये झोलाछाप राजस्थान व मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में घूमता है। उसके एल्बम में अलवर के रामगढ़ के डीएसपी ओमप्रकाश मीणा, नीमराणा के डीएसपी महावीर सिंह शेखावत के फोटो लगे हैं। इसके अलावा सदर थाना प्रभारी महेश शर्मा व शिवाजी पार्क के राजेश वर्मा को भी हाल में दवा देने की बात कही है। महेश शर्मा के बारे में बताया कि उनके बेटे को भी दवा दी है।

ये नीमराणा के डीएसपी महावीर सिंह का झोलाछाप के साथ बतौर प्रमाण फोटो।
अलवर के बाहर के ये अफसर
प्रतापगढ़ में 2016 में सीआई रहे मांगी लाल विश्नोई, 2018 में सोजत सिटी के थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह हो या 2018 में आबूरोड सदर थाना प्रभारी जैसे करीब 1 दर्जन से अधिक पुलिस अफसर खानदानी झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। झोलाछाप ने जानकारी देते हुए धड़ल्ले से यह भी कहा कि पेट का इलाज लिखकर देते हैं, लेकिन असल में गुप्त रोगों का इलाज कराने वाले ज्यादा हैं।
डीएसपी बोले मेरे ऑफिस में आए थे
डीएसपी ओमप्रकाश मीणा ने कहा कि उनके सतपाल नाम का व्यक्ति उनके ऑफिस में आया था। कोरोना में शरीर काफी कमजोर हो गया था। वह खुद ही दफ्तर आया था। उसने कहा कि बीमारी से हुई कमजोरी को दूरी करने की आयुर्वेद दवा देता हूं। खुद के पास डिग्री होना भी बताया था। मैंने उसकी दवा भी नहीं ली। वहीं शिवाजी पार्क के पूर्व एसएचओ राजेश वर्मा ने कहा कि मैंने कोई इलाज नहीं लिया।

पुलिसवालों के साइन की फाइल लेकर घूम रहा झोलाछाप
हां, वो मिला था, लेकिन कोई दवा नहीं ली
नीमराणा डीएसपी महावीर सिंह शेखावत ने कहा कि हां, वह मिला था, लेकिन मैंने कोई दवा नहीं ली। किसान आंदोलन के समय उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया था। उस समय मिला था। यह पता नहीं कि कब फोटो ले ली। ऐसा है तो अभी पता कर लेते हैं।
एसएचओ सदर महेश शर्मा ने कहा कि मैंने कोई दवा नहीं ली। अभी कहां है। पता लगाता हूं। शिवाजी पार्क के पूर्व एसएचओ राजेश वर्मा ने भी कहा कि मैंने कोई दवा नहीं ली।
झोलाछाप के 10 परिवार अलवर में
सतपाल अपने आप को मध्यप्रदेश का बताता है। बाद में यह भी कहने लगा है कि उसने जयपुर से जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया है। ये हर साल आते हैं। देसी दवा देने का दावा करता है। ग्राहक आने के बाद उसे अच्छे से प्रभावित करता है। जरूरत पड़ती है तो उसे पुलिस के अधिकारियों के इलाज करने का सबूत देता है। इसके बाद लोग विश्वास कर लेते हैं और दवा ले जाते हैं।
बोला कोई डिग्री नहीं, खानदानी काम
सतपाल से जब यह पूछा गया कि उसके पास मेडिकल कोई डिग्री है क्या। इस पर बोला कि कोई डिग्री नहीं है। वे तो खानदानी दवा देते आए हैं।
यह मामला गंभीर, जांच करेंगे
सीएमएचओ डॉ ओपी मीणा ने कहा कि ऐसा है तो तुरंत जांच करा लेते हैं। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अलवर में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इनकी पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के फोटो व जानकारी काम लेने का मामला गंभीर है। इसकी भी जांच करेंगे।