चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ जिले के राणा प्रताप सागर बांध के बीच में बना आइलैंड अमेजन के जंगल जैसा दिखता है। यहां के लोग इसे गाय टेकरी कहते हैं। ड्रोन से जब इस आइलैंड को कवर किया तो एक अद्भुत नजारा दिखा। टापू पूरा घने पेड़ों से ढंका था। इसके बीच एक खूबबसूरत तालाब उसकी खूबसूरती को बढ़ा रहा था। ऐसा लगा जैसे हम अमेजन के जंगलों में सैर कर रहे हों।
भास्कर टीम इस टापू पर जाने के लिए रावतभाटा पहुंची। रावतभाटा से ये आइलैंड करीब 40 किमी दूर है। गाड़ी से हम सिंगाड़िया गांव पहुंचे। उससे पहले हमारी गाड़ी रास्ते मे कीचड़ में फंस गई । इसके बाद हम ट्रैक्टर की मदद से गांव तक पहुंचे। वहां से आगे राणा प्रताप सागर बांध का कैचमेंट एरिया था। यही से हमने स्टीमर में बैठकर 10 किमी की यात्रा शुरू की। स्टीमर जब राणा प्रताप सागर के बीच था तो लग रहा था जैसे हम किसी समुद्र के बीच में हों।
जैसे-जैसे हम आइलैंड के पास पहुंच रहे थे वैसे-वैसे उत्साह और जिज्ञासा बढ़ रही थी। स्टीमर चलाने वाले चौथमल ने हमें सतर्क किया कि इस टापू पर बहुत से जंगली जानवर हैं। मगरमच्छ से थोड़ा बचकर रहना, क्योंकि ये टापू हमेशा सूना रहता है। मगरमच्छ किनारों पर मिल सकते हैं। साथ ही इस घने टापू में जहरीले सांप और अजगर भी हैं। 40 मिनट की यात्रा के बाद हम टापू के किनारे पहुंचे तो नाव से कूदकर पानी में होकर टापू पर कदम रखा। ठंडे पानी ने थकान खत्म कर दी। हमारे टापू पर पहुंचते ही पक्षियों की आवाज सुनाई देने लगी। अब हम घने जंगल की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन अजगर और जहरीले सांपों का खौफ भी बरकरार था।

टापू का किनारा गोवा की बीच का अहसास करा रहा था।
ऐसे बना ये आइलैंड
1953 में जब राणा प्रताप सागर बांध का काम शुरू हुआ उससे पहले इसके पेरिफेरी में आने वाले को गांवों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। ये जगह भी एक गांव था। इसके पास में मातासारा गांव था जो पूरा डूब गया। मगर ये गांव पानी आने के साथ ही टापू में बदल गया। उस दौरान कुछ गायें भी यहीं रह गईं, जिनकी संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। यह बताना मुश्किल है कि यहां कितनी गाय हैं, क्योंकि कभी इनकी गणना नहीं हुई है। गायों की संख्या बढ़ने लगी। तब से इस टापू का नाम ‘गाय टेकरी’ पड़ गया आज भी यहां सैकड़ों की संख्या में गाय हैं। जो आकर में आम गायों से बड़ी हैं।

टापू पर जंगली जानवरों का खतरा। यहां बड़ी संख्या में मौजूद हैं गाय।
गोवा जैसा नजारा
पक्षी अभ्यारण जैसी हलचल-इस आईलैंड के किनारा गोवा जैसा लगता है पक्षी अभ्यारण्य जैसी हलचल यहां हर समय दिखती है। किनारे में सीपियां और समुद्र किनारे मिलने वाले पत्थर बिखरे पड़े हैं।

बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पक्षी।
ऐसे लिया फ़ोटो
इस आइलैंड को ड्रोन से शूट किया गया, लेकिन काफी मशकत करनी। जब टापू पर पहुंचे तो तेज हवा और बारिश शुरू हो गई ऐसे में ड्रोन उड़ाना खतरे से खाली नहीं था। ड्रोन एक्सपर्ट की मदद से ड्रोन को 5 बार उड़ाया गया, तब जाकर यह तस्वीर बनी।

घने टापू में जहरीले सांप और अजगर भी मौजूद हैं।