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सुधर रही है इकोनॉमी:कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद ग्रोथ पटरी पर लौटी, पाबंदियों में ढील और वैक्सीनेशन का मिला फायदा

मुंबई

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से घरेलू अर्थव्यस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। लेकिन रिकवर करती इकोनॉमी की रफ्तार जरूर धीमी पड़ी। हालांकि, वैक्सीनेशन बढ़ने और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या से पाबंदियां घटी हैं। नतीजतन, आर्थिक गतिविधियां एक बार फिर से पटरी पर लौटने लगी है, जिससे घरेलू इकोनॉमी सुधरने लगी है।

SBI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक गतिविधियों को दर्शाने वाले इंडिकेटर्स जुलाई में रिकवर हुए हैं। साथ ही जुलाई में आर्थिक आंकड़े भी मई और जून के मुकाबले अच्छे रहें।

खुदरा महंगाई दर:महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों को जुलाई में राहत मिली। इस महीने महंगाई दर 5.59% रही, जो पिछले तीन महीने का इसका सबसे निचला स्तर है। साथ ही महंगाई दर का यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के कंफर्ट जोन में भी आ गया, जोकि 2% से 6% है। इससे पहले महंगाई दर मई और जून के दौरान 6% से ऊपर रही थी।

GST कलेक्शन: वित्त मंत्रालय के मुताबिक जुलाई में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) से होने वाला कलेक्शन 1,16,393 करोड़ रुपए रहा है। जून में यह आंकड़ा 92,849 करोड़ रुपए रहा था।

इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट: देश का एक्सपोर्ट जुलाई में सालाना आधार पर 49.85% बढ़कर 35.43 अरब डॉलर रहा। इसमें पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग और जेम्स एंड ज्वेलरी सेगमेंट सबसे आगे रहे। इसी तरह इंपोर्ट भी लगभग 63% बढ़कर 46.40 अरब डॉलर हो गया है।

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के PHD चेंबर के प्रेसिडेंट संजय अग्रवाल कहते हैं कि कोरोना संक्रमितों की संख्या में गिरावट और पाबंदियों में ढील से आर्थिक सुधार देखने को मिल रहा है, जोकि अप्रैल-मई 2021 के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुआ था। पाबंदियां खत्म होने से रिटेल बिक्री में तेजी से रिकवरी हुई। हेल्थकेयर, फार्मा, IT, मीडिया और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में सुधार से रोजगार भी बढ़ा है।

घरेलू कोर सेक्टर में सुधार: देश के आठ कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स की ग्रोथ सालाना आधार पर 8.9% रही। यह मई में 16.3% थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक जगह-जगह लागू पाबंदियां खत्म होने से जुलाई के आंकड़े सुधरने का अनुमान है।

औद्योगिक उत्पादन: जून 2021 में औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 13.6% बढ़ा है। यानी पिछले साल कमजोर बेस का फायदा घट रहा है, क्योंकि मई में ग्रोथ रेट 29.3% रही थी, जबकि जून 2020 में उत्पादन दर 16.6% गिर गई थी।

आगे भी ग्रोथ की उम्मीद
संजय अग्रवाल कहते हैं कि हाल में जारी सरकारी घरेलू आंकड़ों को देखें तो इनमें अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसमें इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कोर इंफ्रा समेत अन्य के डेटा शामिल हैं। ऐसे में हमें आगे भी इन आंकड़ों में पॉजिटिव ग्रोथ की उम्मीद है। क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं।

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