जयपुर
जयपुर शहर में जॉब करने वाली महिलाओं व युवतियों को टारगेट कर लैपटॉप लूटने वाली गैंग से पूछताछ में कई खुलासे हो रहे हैं। दो दिन पहले जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच (CST) की सूचना पर श्याम नगर थाना पुलिस ने गैंग में शामिल दो लुटेरों और उनसे लैपटॉप खरीदने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया था। शहर में महंगी पावर बाइक पर पीछाकर सिर्फ स्कूटी सवार युवतियों के लैपटॉप लूटने वाले बदमाशों से एक मोबाइल फोन व 15 लैपटॉप भी बरामद हुए थे।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गैंग का सरगना सैय्यद हबेब हुसैन उर्फ सद्दाम उर्फ आगाज उर्फ निक आगाज (23) टूटी पुलिया के पास, सांगानेर में रहता है। वह एक मल्टीप्लेक्स में पिक्चर चलाने का काम करता था। उसके पिता भी जयपुर के दूसरे मल्टीप्लेक्स में कई वर्षों से पिक्चर चलाने का काम कर रहे हैं। कोरोना महामारी में लॉकडाउन लगने पर सिनेमाघर बंद हो गए। तब कुछ महीनों बाद नौकरी से हटा दिया। वेतन मिलना भी बंद हो गया।

बदमाशों के कब्जे से मिले लूटे गए 15 लैपटॉप
पिछले साल महिलाओं से पर्स छीनना शुरू किया, इस साल लैपटॉप लूटने लगे
डीसीपी (क्राइम) दिगंत आनंद के मुताबिक सद्दाम ने पूछताछ में बताया कि 2020 में सिनेमाघर से नौकरी छूटने के बाद घर खर्च के लिए रुपयों की जरूरत हुई। तब सांगानेर में हुसैन कॉलोनी में रहने वाले अपने दोस्त मोहम्मद कैफ उर्फ हनी के साथ महिलाओं व युवतियों के पर्स व बैग लूटना शुरू किया, लेकिन इनमें पैसे कम ही निकलते थे। ज्यादातर मोबाइल फोन मिलता था।
पकड़े जाने की वजह से बैग लूटना बंद कर दिया। फिर फरवरी 2021 से दोनों बदमाशों ने जॉब करने वाली स्कूटी सवार महिलाओं से लैपटॉप लूटने लगे। इसमें भी मोबाइल फोन मिलने पर उसे तुरंत तोड़कर सिम फेंक देते थे। बैग में रखे कागज वगैरह भी कचरों में डाल देते थे। महिलाएं आसानी से पीछा नहीं कर सकती थीं, इसलिए उनको टारगेट करते थे।

श्याम नगर थाने में गिरफ्तार गैंग
फेसबुक पर फोटो से सरगना की पहचान, फिर फिल्म वितरक बनकर पहुंची पुलिस
18 जुलाई को रूप विहार कॉलोनी, न्यू सांगानेर रोड निवासी यासिका जैन शाम 5:15 बजे स्कूटी से कहीं जा रही थी। तभी बाइक सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और लैपटॉप का बैग लूटकर फरार हो गए। अगले दिन श्याम नगर थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने 20 जुलाई से पड़ताल शुरू की। घटनास्थल पर CCTV फुटेज देखे। तब पावर बाइक पर सवार बदमाश नजर आए। उसकी नंबर प्लेट टूटी हुई थी।
इसी अधूरे नंबर के आधार पर करीब 300 पावर बाइक का रिकॉर्ड तकनीकी सेल व ट्रैफिक पुलिस की मदद से खंगाला गया। तब कुछ सुराग मिले। मोबाइल नंबर भी सामने आए। इनमें आरोपी का नाम एक ही था, लेकिन पता बदला हुआ था। नाम के आधार पर सोशल मीडिया पर चैक किया तब फेसबुक पर सद्दाम का INOX में खींचा गया फोटो सामने आया। सिनेमाघर का स्टाफ बनकर पुलिसकर्मियों ने जयपुर में पिक्चर चलाने के लिए कुछ लोगों से संपर्क किया। इनमें सद्दाम का नाम सामने आया, लेकिन वह भनक लगने पर उत्तरप्रदेश भाग गया। दोबारा यहां आया तब पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
OLX पर फर्जी बिल देकर सस्ते दामों में बेचते थे लैपटॉप
पूछताछ में बताया कि लूटे गए लैपटॉप को बेचने के लिए OLX पर विज्ञापन दिया था। उसकी हिम्मत सिंह से मुलाकात हुई। उसने 28 हजार रुपए में लैपटॉप बेचा। तब उसने महंगा लैपटॉप सस्ते दामों में देखकर और लैपटॉप खरीदने की इच्छा जताई। तब सद्दाम से लूटे गए लैपटॉप हिम्मत सिंह खरीदने लगा। वह भी OLX पर इन लैपटॉप को बेचने लगा। ग्राहक के बिल मांगने पर फर्जी बिल पकड़ा देता। आरोपियों से पूछताछ जारी है। एडिशनल डीसीपी सुलेश चौधरी के सुपरविजन में हेड कॉन्सटेबल हरिनारायण शर्मा, कॉन्सटेबल पवन गोदारा ने गैंग को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।