राजसमंद
मावली-मारवाड़ ट्रेन का संचालन करीब डेढ़ साल बाद सोमवार से शुरू किया गया है। कोरोना के कारण 23 मार्च 2020 से सेवा बंद थी। सोमवार सुबह पहली ट्रेन मावली से चलकर मारवाड़ के लिए निकली।मारवाड़ से सोमवार को ट्रेन का संचालन नहीं होने के कारण पर्यटकों को गोरम घाट घूमने का मौका नहीं मिला। मंगलवार से एक ट्रेन मारवाड़ और दूसरी ट्रेन मावली से संचालित होगी। पर्यटकों को गोरमघाट घूमने के लिए करीब 1 घंटे का समय मिलेगा। मावली-मारवाड़ ट्रेन का संचालन शुरू होने से पर्यटक अरावली की वादियों के बीच गुजरती ट्रेन और पहाड़ों से गिरते झरने के अद्भुत दृश्य देख सकेंगे।
इस ट्रेन से यात्री गोरमघाट रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं। स्टेशन से पिकनिक स्पॉट तक पहुंचने का करीब दो किमी का सफर पैदल तय करना पड़ता है। यहां बड़ा झरना है। जंगल क्षेत्र में चट्टानों पर बैठकर पिकनिक मनाने के लिए कई स्पॉट हैं। चारों तरफ बड़ी पहाड़ियों से घिरे इस जगह की हरियाली आकर्षित करती है।

अरावली की हरीभरी वादियों से गुजरती है ट्रेन।
गोरमघाट के बारे में
– बंदरों के कई झुंड का बसेरा
– कई प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा
– हरा-भरा प्राकृतिक सौंदर्य
– समुद्र तल से ऊंचाई 47335 मीटर
– ऊंचाई से गिरते झरने
24 अगस्त से नियमित संचालन
24 अगस्त से दोनों ओर मावली व मारवाड़ से नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। रेलवे ने अभी दोनों ओर से एक-एक ट्रेन का ही संचालन शुरू किया है। कोरोना से पूर्व दो-दो ट्रेन का संचालन होता था। अजमेर के सीनियर डीसीएम विवेक रावत ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए मावली-मारवाड़ से प्रतिदिन एक स्पेशल रेल सेवा का संचालन किया जा रहा है।

गोरमघाट का यह नजारा देख कोई भी आकर्षित हो जाएगा।
45 मिनट की देरी से पहुंची ट्रेन
आज लोको पायलट गजेन्द्र पुरबिया व दिलीप चौधरी सुबह 7:25 पर ट्रेन लेकर मावली से रवाना हुए। ट्रेन अपने तय समय से करीब 45 मिनट की देरी से 9:30 पर कुंवारिया स्टेशन पहुंची। मावली से मारवाड़ तक कुल 152 किलोमीटर का सफर ट्रेन तय करती है। इसमें 25 छोटे पुल और 3 बड़े पुल सहित 2 सुरंग हैं।

मावली से मारवाड़ तक कुल 152 किलोमीटर का सफर ट्रेन तय करती है।
इनको मिलेगा फायदा
मावली-मारवाड़ ट्रेन का संचालन शुरू होने से गोरमघाट घूमने जाने वालों को फायदा होगा। हालांकि गोरमघाट में घूमने के लिए एक घंटा ही मिलेगा। ट्रेन गोरमघाट सुबह 11 बजकर 37 मिनट पर पहुंचेगी। वहीं दोपहर 12 बजकर 46 मिनट वापसी करेगी। इसके साथ ही प्रतिवर्ष सावन व भाद्रपद मास में रामदेवरा जाने वाले यात्रियों को भी इस ट्रेन के संचालन से आवाजाही में फायदा होगा। मावली से दूर दराज की ट्रेन पकडऩे वाले यात्रियों को शाम की ट्रेनों की क्रॉसिंग मावली से मिल सकेगी। मुम्बई, इंदौर, चित्तौडग़ढ़, उदयपुर आदि के लिए ट्रेन मिल सकेगी।