डूंगरपुर
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला और उसके तीन बच्चों को खांसी और तेज बुखार था। पत्नी और तीन बच्चों को लेकर पति गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर ने महिला को ड्रिप चढ़ाई और तीनों बच्चों को इंजेक्शन लगाया। डॉक्टर नें उन्हें घर भेज दिया। रास्ते में महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। पति उसे निजी अस्पताल लेकर गया। जहां उसकी मौत हो गई। मामले में महिला के पति ने झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। झोलाछाप पांच साल से गांव में प्रैक्टिस कर रहा था। गांव के लोग इसे माता जी वाले डॉक्टर के नाम से जानते हैं।
घर लौटते समय बिगड़ी तबीयत
चौरासी थानाधिकारी बंशीलाल ने बताया कि महूडी विकासनगर निवासी वेलाराम ने अपनी पत्नी लीला ननोमा (30 ), बड़ा बेटा गणेश (8), जिग्नेश (6) व अमित (4) को 2 दिनों से बुखार व खांसी की शिकायत होने पर बुधवार को करावाडा गांव में एक निजी क्लिनिक पर इलाज करवाने लेकर गया था। झोलाछाप डॉक्टर ने महिला को ड्रिप चढ़ाई और तीनों बच्चों को इंजेक्शन लगाया। वेलाराम पत्नी और तीनों बच्चों को लेकर घर आने लगा तो रास्ते में लीला की तबीयत खराब होने लगी। वह उल्टी करने लगी। वेलाराम पत्नी को निजी अस्पताल लेकर गया।

पिकअप में रखे शव के पास बैठी रिश्तेदार।
पति ने करवाया मामला दर्ज
महिला की खराब हालत को देखते हुए उसे भर्ती किया गया। देर रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। महिला के पति ने हंगामा कर दिया। चौरासी थानाधिकारी बंशीलाल, चौकी प्रभारी मनोहर सिंह मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। महिला के पति ने रिपोर्ट में बताया कि झोलाछाप के गलत इलाज से उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और मौत हुई है। पति ने झोलाछाप को गिरफ्तार करने की मांग की है। इस पर पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया।