खाजूवाला. अनूपगढ़ शाखा में मंगलवार सुबह पेयजल पानी छोड़ा गया। यह पानी खाजूवाला की नहरों पहुंचा ही नहीं था कि बुधवार को तेज आंधी ने पानी की रफ्तार को रोक दिया। तेज आंधी के कारण नहर व सड़क किनारे पेड़ टूटे गए। 365 हैड से निकलने वाली केवाईडी, बीडी व केएलडी नहर में कई जगह पर पेड़ गिरने से नहर में डाट लग गई। इससे नहर टूटने की भी आशंका बढ़ गई। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग अधिकारियों ने नहर में रुकावट दूर करने की कवायद शुरू की गई। मौके पर जेसीबी व मजदूरों को लगाकर पेड़ों को बाहर निकाला गया। किसान भी अपने स्तर पर नहरों से डाट निकालते रहे। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा ने बताया कि आंधी के चलते कई जगह पर नहर में डाट लग गई। मौके पर जेसीबी व मजदूरों की सहायता से गिरे पेडो़ं व कचरे को बाहर निकाला गया है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नहर पर गश्त कर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के प्रयास में जुट गए। हालांकि वन विभाग के अधिकारी नदारद रहे। अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा ने कहा कि पेयजलकिसान खेतों में ना लगाएं। डिग्गियों में ही पानी का भंडारण करें। आंधी के चलते कई जगह विद्युत पोल भी टूटे। जिससे विद्युत आपूर्ति भी ठप रही।
अंधड़ से टूटे खंभे
सूडसर. गुसांईसर बड़ा से बींझासर को जाने वाली 33 केवी बिजली लाइन के दो खंभें बुधवार शाम आए तेज अंधड़ से टूट गए और इस लाइन से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। डिस्कॉम ने कनिष्ठ अभियंता रविन्द्र चौधरी ने इसकी सूचना मिलते ही तुरंत बाधित लाइन को दुरुस्तीकरण कार्य के निर्देश दिए। इस लाइन के गुसांईसर बड़ा व थेह के बीच टूटे दोनों खंभों को बदलकर नये खंभे लगाकर बिजली आपूर्ति चालू की गई। किन्तु इस पांच गांवों की लाइन में कहीं ओर पर फाल्ट होने शाम चार बजे से गुल हुई बिजली पौने नौ बजे तक बहाल नहीं हो पाई।
राववाला. क्षेत्र में दिनभर तेज गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा। शाम को मौसम में अचानक बदलाव आया और सीमा क्षेत्र से अंधड़ आया। आंधी की रफ्तार धीरे धीरे तेज हो रही थी। बारिश नहीं होने से किसान चिंतित नजर आ रहे थे।