अजमेर।
राजस्थान के अजमेर में विश्व विख्यात सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 810वें सालाना उर्स की औपचारिक शुरुआत शनिवार की शाम को हो जायेगी। सालाना उर्स का झण्डा 29 जनवरी असर की नमाज के बाद लेकिन रोशनी से पहले परम्परागत तरीके से दरगाह के बुलंद दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। भीलवाड़ा का लाल मोहम्मद गौरी परिवार झण्डे की रस्म को वर्ष 1944 से निभाता आ रहा है।
गौरी परिवार के पोते अजमेर पहुंच गए हैं और दरगाह कमेटी के साथ मिलकर झण्डे की रस्म की तैयारियां कर रहे हैं। झंडे की रस्म के साथ ही सालाना उर्स की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी और जायरीनों का आना भी शुरू हो जाएगा। कोरोना गाइडलाइंस के पालन में उर्स आयोजन की परस्पर सहमति के बावजूद खादिमों की संस्थाओं ने रात्रिकालीन बंदिशों और वीकेंड कर्फ्यू में छूट की मांग प्रशासन व सरकार से की है।