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अधीनस्थ मंत्रालयिक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करने की मांग

  • राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ ने विशेष योग्यजन आयोग के राज्य आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    अधीनस्थ मंत्रालयिक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम विशेष योग्यजन आयोग के राज्य आयुक्त उमाशंकर शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि अधीनस्थ मंत्रालयिक संवर्ग की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग संघ की ओर से लम्बे समय से की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1950 से कम वेतन पाने वाले अन्य संवर्ग/पदों का वेतन आज 38 प्रतिशत से 62.5 प्रतिशत तक अधिक बढ़ गया है। 28 अक्टूबर 1998 को राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ एवं राज्य सरकार के मध्य कनिष्ठ लिपिक का वेतनमान 1 सितम्बर 1998 से 3050-4590 के स्थान पर 4000-6000 किए जाने का लिखित समझौता हुआ था। इस समझौते को लागू करने के बजाए यतिन्द्र सिंह समिति को परीक्षण के लिए भेजे जाने तथा यतिन्द्र सिंह समिति की ओर से उसे नकारे जाने के नाम पर वर्षों से इसे लागू करने से इन्कार किया जाता रहा है। परन्तु एक विधानसभा प्रश्न के उत्तर में वित विभाग की ओर से उत्तर दिया गया है कि यतिन्द्र सिंह समिति की रिपोर्ट राज्य सरकार को प्राप्त होने पर उसे मंत्रीमण्डल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मंत्रीमण्डल की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई निर्णय लिया जाना उपयुक्त नहीं समझा गया। यह राजस्थान की विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से अधीनस्थ मंत्रालियक संवर्ग के साथ किया गया छल है। इससे अधीनस्थ मंत्रालियक संवर्ग अत्यन्त आहत है। उन्होंने कहा कि 1 सितम्बर 1998 से कनिष्ठ लिपिक का वेतनमान 4000-6000 किया जाना राज्य सरकार का विधिक दायित्व है। उक्त विधानसभा प्रश्न के एक अन्य बिन्दु का वित्त विभाग की ओर से उत्तर दिया गया कि राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2008 में कनिष्ठ लिपिक पद के उक्त वेतनमान 3050-4590 के स्वरूप ग्रेड पे 1900 रुपए निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर 2400 रुपए संशोधित किया गया है, जो वेतनमान 4000-6000 के समकक्ष है। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की ओर से विधानसभा सदस्य को दिया गया जवाब गलत नहीं है परन्तु वित्त विभाग के आदेश के जरिए पर्याप्त विधि आधार होते हुये भी कनिष्ठ सहायक अन्य समकक्ष पदों के समान आरम्भिक वेतन 9840 के स्थान पर 8080 किया जाना लिखित समझौते का ही नहीं विधानसभा सदस्य को दिए गए उत्तर के बाद स्थितियां बदल दिए जाने का संघ कड़ा विरोध करता है। उन्होंने बताया कि संघ की मांग है कि कनिष्ठ सहायक को ग्रेड-पे 1900/2400 एवं मेट्रिक्स पे-लेवल-5 के अन्य पदों/संवर्गों के समान नहीं रखकर 1 सितम्बर 1998 से कनिष्ठ सहायक को 4000-6000 वेतनमान, 1 जुलाई 2013 से 2400 ग्रेड-पे व 1 जनवरी 2016 से नई पे-लेवल-7ए में 25300/25500 तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी को ग्रेड-पे 4200/पे मेट्रिक्स लेवल-11 में 37800 वेतन स्वीकृति के पृथक आदेश करवाकर अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारियों की 22 वर्ष से चली आ रही भीषण वेतन विसंगति को दूर करवाया जाए। इस मौके पर बलकार सिंह, पंकज झूरिया, मोहित शर्मा, योगेश्वर शर्मा, फारूक अली, संदीप सिंह, विनोद खीचड़, रोहिताश शर्मा, मोहन पारीक, रामचरण, राजेन्द्र सिंह, रमेश गलगट, रविन्द्र शर्मा, फूलचन्द, लूणकरण पारीक, अनिल यादव, जयकिशन शर्मा, कृष्ण भाटी, हरफूल सिंह, महेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।