नई दिल्ली
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध से पैदा हुए भू-राजनीतिक जोखिम से खनिज तेल और गैस, रत्न और आभूषण, खाद्य तेल और उर्वरक जैसी वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। जारी संकट के चलते चालू वित्त वर्ष में देश का आयात बिल बढ़कर 600 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है। इस कारण कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रत्न और आभूषण, खाद्य तेल और उर्वरक के आयात पर भारत की निर्भरता और रुपये के मूल्य में गिरावट है। इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका है।
सनफ्लॉवर तेल हो सकता है महंगा
रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण सनफ्लॉवर समेत अन्य खाद्य तेल महंगे हो सकते है। भारत हर साल करीब 25 लाख टन सनफ्लॉवर तेल का आयात करता है। इसमें से 70 फीसदी यूक्रेन और 20 फीसदी रूस से आयात किया जाता है। ताजा संघर्ष को देखते हुए आयातकों ने दूसरे देशों से आयात की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। 2020-21 विपणन वर्ष (नवंबर से अक्टूबर) में भारत ने 1.17 लाख करोड़ रुपये से करीब 130 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया था।