मुंबई
अमेजन ग्रॉसरी सेगमेंट में बड़ा दांव खेल रही है। अब यह पिकअप मॉडल को तेजी से अपना रही है। इसके लिए वह ज्यादा रिटेल आउटलेट्स की तैयारी कर रही है। इस मॉडल के जरिए आप ऑन लाइन ऑर्डर दे सकते हैं और अपने नजदीकी स्टोर से जाकर सामान ले सकते हैं।
बड़े -बड़े कॉर्पोरेट घराने हैं ग्रॉसरी के सेगमेंट में
दरअसल इस समय ई-ग्रॉसरी सेगमेंट में बड़े –बड़े कॉर्पोरेट घराने हैं और इनके बीच कांटे का मुकाबला हो रहा है। इसमें टाटा के मालिकाना हक वाली बिग बॉस्केट, वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट, ग्रोफर्स और रिलायंस की जियो मार्ट प्रमुख हैं। अमेरिका की कंपनी अमेजन भारत में वही आइडिया अपना रही है जो उसने अमेरिका में अपनाया था। अमेरिका में उसने यही काम किया है कि ग्राहक अमेजन फ्रेश पर ऑन लाइन ऑर्डर दें और सामान को अपने नजदीकी होल फूड्स स्टोर से ले लें।
13 अरब डॉलर में अमेजन ने होल फूड्स को खरीदा था
अमेजन ने 2017 में होल फूड्स को 13 अरब डॉलर में खरीदा था। अमेजन फ्रेश ऑन लाइन ग्रॉसरी ऑर्डर की शुरुआत बंगलुरू से की गई है। बंगलुरू में अभी यह सुविधा फ्री है। आप यहां पर अपने नजदीकी स्टोर से जाकर दो से तीन घंटे में सामान ले सकते हैं। यह सेवा देश के कई पिन कोड्स में लाइव हो गई है। हालांकि इन ऑर्डर को डिलिवरी के समय कैश देकर नहीं लिया जा सकता है। यानी ऑन लाइन ही आपको पेमेंट करना होगा।
सामरा कैपिटल के साथ भागीदारी
अमेजन ने प्राइवेट इक्विटी फर्म सामरा कैपिटल के साथ भागीदारी की है। इसने 2019 में आदित्य बिरला ग्रुप के मोर रिटेल चैन को खरीदा था। अमेजन का ऑन लाइन ग्रॉसरी ऑर्डर के लिए फ्री स्टोर पिक अप एक नया मॉडल देश में है। जानकारों का मानना है कि कुछ कंपनियां तमाम मॉडल में अवसर तलाशती हैं और हाइपरलोकल मॉडल के लिए यह एक नया मॉडल है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के लिए टेलर मेड है।
अभी भारत में ग्राहकों के सपोर्ट को देखना होगा
हालांकि अमेरिका की तुलना में भारत में अभी देखना होगा कि ग्राहकों का इसे कैसा सपोर्ट मिल रहा है। उनके लिए यह कितना सुविधाजनक है। विश्व में भारत ग्रॉसरी स्टोर के मामले में सबसे आगे है। अमेजन का मानना है कि यह एक सुविधाजनक और अच्छा अनुभव पूरे देश के ग्राहकों के लिए होगा। इसलिए वह लगातार इसमें तेजी से डिलिवरी के लिए निवेश कर रही है।
दो से तीन घंटे के विकल्प को चुन सकते हैं
अमेजन फ्रेश पर ग्राहक दो से तीन घंटे की डिलिवरी के विकल्प को चुन सकते हैं। या वे 6 बजे सुबह से मध्य रात्रि तक के दो से तीन घंटे के स्लॉट को चुन सकते हैँ। सभी ग्राहकों को 600 रुपए के ऑर्डर पर दो से तीन घंटे का फ्री समय मिलेगा, जिसमें वे अपने सामान ले सकते हैं। इससे कम नीचे के ऑर्डर के लिए 29 रुपए डिलिवरी चार्ज लिया जाएगा। साथ ही अमेजन फ्रेश पर कम से कम ऑर्डर का कोई नियम नहीं है।
होल फूड्स डिलिवरी के लिए चार्ज देना होगा
पिछले हफ्ते ही अमेजन ने अपने प्राइम ग्राहकों को जानकारी दी थी कि अब होल फूड्स डिलिवरी के लिए उन्हें चार्ज देना होगा। ऑन लाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को काफी लंबे समय तक इंतजार करना होता है। कई मामलों में तो ग्राहकों को हफ्तों तक इंतजार करना होता है।
दो ग्रॉसरी प्रोडक्ट को एक में मिला दिया था
फरवरी में अमेजन ने अपने दो ग्रॉसरी प्रोडक्ट को एक में मिला दिया था। इसमें एक पैंट्री था और दूसरा फ्रेश था। पहले अमेजन पैंट्री के ऑर्डर को फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार के आउटलेट के साथ भागीदारी कर डिलिवरी करता था। हालांकि जब से रिलायंस ने फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी खरीदी है, तब से अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच तकरार चल रही है। इसलिए यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह पैंट्री के ऑर्डर को बिग बाजार से ही चला रही है या खत्म कर दिया है।
प्राइम नाऊ ऐप को बंद किया
अमेजन फ्रेश शुरु में प्राइम नाऊ ऐप के रूप में लांच किया गया था। अब यह दो से तीन घंटे की सेवा के रूप में लांच किया गया है। प्राइम नाउ ऐप को अब पूरी दुनिया में बंद कर दिया गया है। बिग बॉस्केट, ग्रोफर्स और फ्लिपकार्ट सहित सारी कंपनियां अब एक्प्रेस डिलिवरी कर रही हैं। यानी घंटे भर में सामान पहुंचा रही हैं। जबकि स्विगी भी 35-40 मिनट में सामान दे रही है। यही कारण है कि अमेजन अब एक नए मॉडल को अपना रही है। पिछले दो हफ्तों से ग्रोफर्स ने 15 मिनट में डिलिवरी सेवाओं को बंगलुरू जैसे शहरों में शुरू किया है।
ग्रॉसरी के मार्केट में बिग बॉस्केट सबसे बड़ा है। इसके पास 37% बाजार हिस्सेदारी है। अमेजन के पास 15%, ग्रोफर्स के पास 13%, फ्लिपकार्ट के पास 11% और जियो मार्ट के पास 4% बाजार की हिस्सेदारी है।