बीकानेर. झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी जिंदा जल गई। महिला के पति की समय रहते आंख खुल गई, जिससे वह बाहर निकल गया। हादसा बीकानेर के गजनेर इलाके के चांडासर गांव की है।
घटना गुरुवार देर रात करीब एक बजे की है। यहां एक झोपड़े में रेंवतराम सांसी, पत्नी ममता सांसी (22) और 1 साल की बेटी खुशी के साथ सो रहा था। रात को अचानक झोपड़े में आग लग गई। रेंवतराम की आंख खुल गई। वह बाहर निकल गया। इसी दौरान झोपड़ी नीचे गिर गई। ममता और 1 साल की बेटी को बाहर नहीं निकाला जा सका। जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक मां-बेटी की मौत हो चुकी थी। मां-बेटी के कंकाल ही नजर आए।

आग के कारण ममता का शरीर पूरी तरह से जल गया था। लाश को देख ऐसा लग रहा था कि मानों नींद में ही जल गई।
पिता का आरोप, हत्या की गई
उधर, लूणकरनसर निवासी ममता के पिता इसरराम ने कहा- उसकी बेटी और दोहिती को रेंवतराम, ससुर रामलाल और सास गीता ने एक राय होकर जलाकर मार दिया।
साढ़े तीन साल पहले हुई थी शादी
ममता और रेंवतराम की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले 17 मई 2019 को हुई थी। दोनों के बीच कई बार अनबन हुई तो बात पीहर तक पहुंचती रहती थी। इसी कारण पिता ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम भी मौके पर पहुंची।

आग के कारण झोपड़ा पूरी तरह से जल गया। सिर्फ पति जिंदा बचा।
बेटा दादा के पास था, बच गया
रेंवतराम की बेटी खुशी अपनी मां के साथ सो रही थी, जबकि बेटा अपने दादा के पास सो रहा था। इसी कारण वो बच गया। तीन साल के पंकज को अभी ये एहसास ही नहीं है कि उसकी मां और बहन जिंदा जल गए। पंकज अभी अपने दादा के पास ही है।
गजनेर थानाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया- रात को घटना हुई थी। मौके पर पहुंचे तब दो की बॉडी कंकाल बन चुकी थी। परिजनों की रिपोर्ट के आधार जांच कर रहे हैं।